कवर्धा के बैगा अंचल में डॉ. वर्णिका शर्मा ने लगाई बाल चौपाल 2.0, बच्चों से सीधे संवाद कर जानी समस्याएं
एकलव्य विद्यालय के विद्यार्थियों संग प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाया, बाल अधिकारों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा

रायपुर, 17 सितंबर 2026



छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कवर्धा जिले के दौरे के दौरान दूरस्थ विशेष जनजातीय क्षेत्र बैरख में ‘बाल चौपाल 2.0’ आयोजित कर बच्चों से सीधे संवाद किया। उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और उनकी आवश्यकताओं को लेकर जानकारी ली। इस दौरान विभिन्न शैक्षणिक एवं आवासीय संस्थानों का निरीक्षण करने के साथ जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर सभागृह में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बाल अधिकारों एवं विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि जनजातीय अंचल के बच्चे प्रतिभाशाली और होनहार हैं। उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीकी संसाधन और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराकर उनके भविष्य को और बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को डिजिटल संसाधनों से जोड़ने तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से उनके सीखने के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया।

बाल चौपाल में बच्चों ने खुलकर रखी अपनी बात
बैरख में आयोजित बाल चौपाल 2.0 में बच्चों ने उत्साह के साथ सहभागिता की। आयोग अध्यक्ष ने बच्चों के साथ संवाद कर उनकी पढ़ाई, रुचियों, समस्याओं और भविष्य के लक्ष्यों की जानकारी ली। क्विज एवं बाल अधिकारों पर आधारित सांप-सीढ़ी जैसे रोचक खेलों के माध्यम से बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। गुड टच-बैड टच, चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल विवाह सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी बच्चों से चर्चा की गई।
डॉ. शर्मा ने बच्चों को अपनी बात बिना झिझक रखने के लिए प्रोत्साहित किया और संस्थानों में नियमित काउंसलिंग की व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
संस्थानों के निरीक्षण में मिली कमियों पर तत्काल सुधार के निर्देश
आयोग अध्यक्ष ने आदिवासी बालक आश्रम बैरख सहित विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान साफ-सफाई, भंडार गृह की व्यवस्था, शिक्षकों की उपलब्धता तथा मलेरिया से बचाव की व्यवस्थाओं में कमियां सामने आने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। मलेरिया से बचाव के लिए नई मच्छरदानियां उपलब्ध कराने तथा शिक्षकों की कमी के संबंध में आवश्यक पत्राचार कर आयोग को अवगत कराने के निर्देश दिए गए। हाई स्कूल में विज्ञान विषय के उपकरणों की कमी एवं व्यवस्थाओं में सुधार के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए गए। शासकीय बालक गृह कवर्धा के निरीक्षण के दौरान डॉ. शर्मा ने बच्चों के साथ रात्रि भोजन किया और बाल गृह के एक बच्चे का जन्मदिन भी मनाया।
’एकलव्य विद्यालय में विद्यार्थियों संग मनाया प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन’
एकलव्य आवासीय विद्यालय तरेगांव में आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने विद्यार्थियों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संघर्ष और राष्ट्र के प्रति समर्पण से प्रेरित होने की बात कही तथा भविष्य में राष्ट्र सेवा में योगदान देने का संकल्प व्यक्त किया। डॉ. शर्मा ने विद्यार्थियों से संवाद कर उनके भविष्य के लक्ष्यों और समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों की समस्याओं को समय पर सामने लाने के लिए नियमित काउंसलिंग एवं आवश्यक सैंपलिंग की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
’कलेक्टर सभागृह में बाल अधिकारों एवं योजनाओं की समीक्षा’
जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर सभागृह में आयोग अध्यक्ष ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बाल अधिकारों से जुड़े विषयों और शासन की योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को बच्चों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। आश्रम शालाओं एवं छात्रावासों की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए आदिवासी विकास विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। स्थायी शिक्षक की नियुक्ति होने तक अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था तथा विशेष रूप से गणित, अंग्रेजी एवं विज्ञान विषय के शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने COTPA एक्ट एवं बाल श्रम अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के बीच निरंतर समन्वय और अनुश्रवण के साथ अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। PCPNDT एक्ट के प्रभावी संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। वहीं महिला एवं बाल विकास तथा श्रम विभाग को समन्वय स्थापित कर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) एवं मिनीमाता महतारी जतन योजना के पात्र हितग्राहियों को अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

