रायपुर, 11 मई 2026
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सुदूर अंचलों तक खुशहाली पहुँचा रही है। शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और जिला प्रशासन की सतत निगरानी से ग्रामीणों के पक्के मकान का सपना तेजी से हकीकत में बदल रहा है। पिछले मात्र तीन महीनों में जिले ने उल्लेखनीय प्रगति करते हुए 2 हजार 220 हितग्राहियों के पक्के आवासों का निर्माण पूर्ण कर लिया है।
कुशल प्रबंधन और तकनीकी सहयोग
जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई विशेष कार्ययोजना के तहत हितग्राहियों से निरंतर संवाद और संसाधनों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। जिला पंचायत के समन्वय से निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा और निरीक्षण किया जा रहा है, जिससे कार्य की गति और गुणवत्ता दोनों बनी हुई है।
पारदर्शी भुगतान प्रणाली से बढ़ा उत्साह
योजना के तहत वित्तीय सहायता को सीधे हितग्राहियों तक पहुँचाने के लिए डीबीटी (क्ठज्) और जियो-टैगिंग का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। निर्माण की प्रगति के आधार पर पहली किश्त (40 हजार), प्लिंथ स्तर पर दूसरी किश्त (55 हजार) और कार्य पूर्ण होने पर अंतिम किश्त (25 हजार) सीधे खाते में भेजी जा रही है। पक्के मकान के साथ-साथ हितग्राहियों को मनरेगा के माध्यम से 90 दिनों का अकुशल श्रम रोजगार भी प्रदान किया जा रहा है, जो उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक संबल साबित हो रहा है।
जनचौपाल और ग्राम भ्रमण का असर
प्रशासन की घर-घर पहुंच नीति ने योजना की सफलता में बड़ी भूमिका निभाई है। नियमित जनचौपाल और ग्राम भ्रमण के माध्यम से उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया जहाँ कार्य की गति धीमी थी। जिला पंचायत सीईओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति ने न केवल समस्याओं का मौके पर समाधान किया, बल्कि हितग्राहियों का उत्साह भी बढ़ाया।
आंकड़ों में प्रगति की झलक जिले में पिछले दो वित्तीय वर्षों की उपलब्धियां उत्साहजनक हैं। कुल स्वीकृत आवास 16 हजार 359 पूर्ण हो चुके जिनमें से आवास 9 हजार 726 आवासों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है और 6 हजार 234 आवास निर्माणाधीन हैं। जिला प्रशासन का संकल्प है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर शेष आवासों का निर्माण भी पूर्ण कर लिया जाए। कोरिया जिले में पक्के घरों की यह बढ़ती संख्या न केवल ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार ला रही है, बल्कि सुदूर अंचलों में सुशासन और विकास का नया अध्याय लिख रही है।
