Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Aj Ki News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    • Login
    Aj Ki News
    Home»राज्य»छत्तीसगढ़»भारत की संस्कृति का आभूषण है बस्तर – केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह
    छत्तीसगढ़

    भारत की संस्कृति का आभूषण है बस्तर – केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह

    बस्तर की संस्कृति को नए प्राण देने का कार्य कर रही छत्तीसगढ़ सरकार
    News DeskBy News DeskFebruary 9, 2026No Comments8 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    भारत की संस्कृति का आभूषण है बस्तर – केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    पांच साल में विकसित बनेगा बस्तर

    बस्तर पंडुम के विजेताओं को किया गया सम्मानित

    रायपुर , 09 फरवरी 2026

    बस्तर पंडुम के विजेताओं को किया गया सम्मानित

    बस्तर पंडुम के विजेताओं को किया गया सम्मानित

    केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर भारत की संस्कृति का आभूषण है। बस्तर पण्डुम के माध्यम से यहां की संस्कृति और गौरवशाली परंपरा को छत्तीसगढ़ सरकार ने नए प्राण देने का काम किया। बस्तर पंडुम 2026 के सभी विजेताओं को केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह और मुख्यमंत्री श्री साय ने  सम्मानित किया। केंद्रीय गृहमंत्री ने बताया कि इसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले लोक कलाकारों को राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया जाएगा, जहां उन्हें अपनी कला का प्रदर्शन करने और सहभोज करने का अवसर भी मिलेगा।

    बस्तर पंडुम के विजेताओं को किया गया सम्मानित

    केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह ने जनजातीय कला एवं संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन तथा जनजातीय प्रकृति व परंपरा का उत्सव बस्तर पण्डुम के तीन दिवसीय संभाग स्तरीय आयोजन के समापन अवसर पर आज जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर संभाग के 07 जिले के 32 जनपद पंचायतों और 1885 ग्राम पंचायतों के 53 हजार से अधिक लोक कलाकारों ने 12 विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इन्हीं लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य बस्तर पण्डुम 2026 के माध्यम से राज्य की सरकार द्वारा किया जा रहा है।

    बस्तर पंडुम के विजेताओं को किया गया सम्मानित

    आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को पुनर्जीवित करने धरती आबा योजना

    श्री शाह ने कहा कि बस्तर जैसी संस्कृति विश्व के किसी देश में नहीं है और इसे प्रभु श्री राम के समय से संजोकर यहां के लोगों ने अक्षुण्ण बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश के 700 से अधिक जनजातियों की आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को पुनर्जीवित करने धरती आबा योजना और पीएम जनमन योजना जैसी अनेक योजनाएं लागू की। श्री शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमारी लड़ाई किसी से नहीं बल्कि यहां की भोली-भाली आदिवासी जनता को सुरक्षा देना है। माओवाद उन्मूलन की समय सीमा अभी भी वही है। जवानों के अदम्य साहस और बहादुरी से 31 मार्च 2026 तक हो माओवाद को घुटने टेकने पड़ेंगे।

    उन्होंने प्रदेश में संचालित की जा रही नक्सल पुनर्वास नीति की सराहना करते हुए कहा कि पुनर्वास केंद्रों में उन्हें रोजगारमूलक और सृजनात्मक गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है।

    बस्तर पंडुम के विजेताओं को किया गया सम्मानित

    40 गांवों के स्कूलों में गोलियों की आवाज की जगह स्कूल की घंटियां सुनाई देती है

    केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के तहत प्रदेश सरकार लगातार माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में रोडमैप तैयार कर सड़क, पुल पुलिया, मोबाईल टॉवर स्थापित करने के साथ-साथ राशन वितरण, शुद्ध पेयजल, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड बना रही है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग के माओवाद प्रभावित गांवों में लाल आतंक के चलते विकास से कोसों दूर थे, वहां के 40 गांवों में स्कूल फिर से खोले गए। अब वहां गोलियों की आवाज की जगह स्कूल की घंटियां सुनाई देती हैं।

    बस्तर पंडुम के विजेताओं को किया गया सम्मानित

     दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले में 02 लाख 75 हजार एकड़ जिले में सिंचाई के लिए 220 मेगावॉट बिजली उत्पादन का कार्य शीघ्र प्रारंभ  

    श्री शाह ने मंच से जानकारी दी कि बस्तर जिले में 118 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया जाएगा तथा पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले में 02 लाख 75 हजार एकड़ में सिंचाई के लिए 220 मेगावॉट बिजली उत्पादन का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। वहीं दूरस्थ अंचलों को मुख्यालयों से जोड़ने के लिए रेल परियोजनाओं और नदी जोड़ो परियोजना को विस्तार दिया जाएगा।

    बस्तर पंडुम के विजेताओं को किया गया सम्मानित

    बस्तर पंडुम एक आयोजन बस नहीं है, यह बस्तर की पहचान का उत्सव- मुख्यमंत्री श्री साय

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर पंडुम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि माता दंतेश्वरी से ही बस्तर की पहचान है। बस्तर पंडुम एक आयोजन बस नहीं है, बल्कि यह बस्तर की पहचान का उत्सव है। उन्होंने छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर के प्रति गृह मंत्री श्री अमित शाह के स्नेह और लगाव के लिए आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार भी श्री शाह की मौजूदगी ने बस्तरवासियों का हौसला बढ़ाया था और आज फिर उनकी उपस्थिति ने कलाकारों और यहां के लोगों में नई ऊर्जा भर रही है।

    समृद्ध संस्कृति को देश- दुनिया के सामने लाने बस्तर पंडुम का आयोजन

    श्री साय ने कहा कि बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश- दुनिया के सामने लाने बस्तर पंडुम में भाग लेने वाले सभी कलाकारों, प्रतिभागियों को बधाईयां। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष 47 हजार कलाकारों ने बस्तर पंडुम में भाग लिया और इस वर्ष 54 हजार से अधिक कलाकारों ने इसमें हिस्सा लिया है और बस्तर की संस्कृति, खान-पान, वेशभूषा, स्थानीय साहित्य, लोकनृत्य, गीत, शिल्प, बस्तरिया पेय, औषधि चित्रकला, वाद्ययंत्र, नाटक की विद्या सहित 12 विद्याओं का प्रदर्शन कलाकारों के द्वारा किया गया। बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश-दुनिया के समक्ष प्रदर्शित करने और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का काम किया गया।

    बस्तर के विकास की चर्चा देश भर में

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बस्तर अब संभावनाओं की भूमि बन चुकी है। यह नए भारत का नया बस्तर है। प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से बस्तर के विकास की चर्चा देश भर में हो रही है। उन्होंने कहा कि पहले बस्तर की चर्चा देश भर में माओवादी के नाम से होती थी, किन्तु अब बस्तर की संस्कृति, पर्यटन और समृद्ध विरासत की चर्चा होने लगी है।

    बस्तर तरक्की की एक नई सुबह देखने को मिल रही है

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर की सुंदर धरती लंबे समय तक नक्सलवाद की पीड़ा से गुजरी है। गौर, माड़िया, मुरिया, भतरा, धुरवा, गोंड जैसे विभिन्न नृत्य की लय धीमी पड़ गई थी, मांदर की थाप खामोश हो गई थी, लेकिन आज बस्तर बदल रहा है। यहां तरक्की की एक नई सुबह देखने को मिल रही है।  श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से खत्म करेंगे।

    आत्म समर्पण नीति के तहत सम्मान के साथ पुनर्वास

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने घने जंगलों में, विपरीत परिस्थितियों में, अपनी जान की परवाह किए बिना नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार कर रहे हैं। नियद नेल्ला नार – (आपका अच्छा गांव) योजना के माध्यम से सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं गांव में पहुंचाई हैं। आत्मसमर्पण नीति को और अधिक मानवीय और संवदेनशील बनाया है, जो लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनका सम्मान के साथ पुनर्वास कराया जा रहा है।

    पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर तेजी से आगे बढ़ रहा है

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में संसद में भी बस्तर के विकास की चर्चा की। श्री साय ने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में भी बस्तर तेजी से आगे बढ़ रहा है। धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया जाना हम सभी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ईको टूरिज्म, होम-स्टे, ट्रेकिंग जैसे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार सतत पर्यत्नशील है, जिससे बस्तर ही नहीं छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, सभ्यता की जानकारी पर्यटकों को मिल सके और पर्यटन छत्तीसगढ़ की ओर आर्कर्षित हो सके।

    उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने बस्तर पांडुम के भव्य आयोजन से बस्तर की समृद्ध और विशिष्ट जनजातीय संस्कृति की सराहना करते हुए क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और स्थायी शांति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत विश्व में अद्वितीय है। उन्होंने छेरछेरा पंडुम, तिहार और विजा पंडुम जैसे पारंपरिक उत्सवों को जनजातीय जीवन, प्रकृति और कृषि से जुड़ी अमूल्य परंपराएं बताया। नक्सलवाद पर दृढ़ प्रहार की बात दोहराते हुए उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बस्तर के दूरस्थ और उपेक्षित क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और राष्ट्रीय ध्वज की उपस्थिति पहुँची है, जो विकास और विश्वास की नई शुरुआत है। श्री शर्मा ने बस्तर पांडुम को समाज-नेतृत्वत आयोजन बताते हुए कहा कि इसके असली सूत्रधार मांझी-चालकी, गयाता और पुजारी जैसे पारंपरिक समाज प्रमुख हैं, जिनके सहयोग से बस्तर पंडुम का आयोजन सफल हुआ। उन्होंने इस आयोजन में हिस्सा लेने वाले सभी के प्रति आभार प्रकट किया।

    संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने बस्तर पंडुम 2026 के उद्देश्य और 12 विद्याओं पर भाग लेने वाले कलाकारो की विस्तृत जानकारी दी, और कहा कि यह आयोजन बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश-विदेश तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा जिससे हमारी संस्कृति और सभ्यता की जानकारी लोगों तक पहुंचेगी।

    इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, पद्म श्री अजय मंडावी, श्रीमती बुधरी ताती, श्री हेमचंद मांझी, श्री पंडीराम मांझी, सांसद श्री भोजराज नाग, बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी सहित जनप्रतिनिधिगण, गायता, पुजारी, मांझी-चालकी, बस्तर पंडुम के कलाकार, महापौर श्री संजय पांडे, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पी, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
    News Desk

    Related Posts

    एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने निकली छत्तीसगढ़ की बेटी, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

    April 6, 2026

    उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने सर्व यादव समाज के नवीन कार्यकारिणी को दिलाई शपथ

    April 6, 2026

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर के पूर्व विधायक श्री जगेश्वर राम भगत के निधन पर जताया शोक

    April 5, 2026

    राज्यपाल श्री रमेन डेका सोगड़ा आश्रम पहुंचे मां काली की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की

    April 5, 2026

    विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों के लिए प्रत्येक माह लगाए मेडिकल कैंप – राज्यपाल श्री रमेन डेका

    April 5, 2026

    राज्यपाल श्री रमेन डेका ने जशपुर के केरेगांव होम-स्टे का किया अवलोकन

    April 5, 2026
    Advertisement Carousel
    × Popup Image
    RO Num- 13519/187
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने निकली छत्तीसगढ़ की बेटी, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

    April 6, 2026

    उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने सर्व यादव समाज के नवीन कार्यकारिणी को दिलाई शपथ

    April 6, 2026

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर के पूर्व विधायक श्री जगेश्वर राम भगत के निधन पर जताया शोक

    April 5, 2026

    राज्यपाल श्री रमेन डेका सोगड़ा आश्रम पहुंचे मां काली की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की

    April 5, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Ajkinews Office
    Ajkinews Office
    Chief Editor :- Asha Nirmal
    For Advertising Call :- 7489887346
    WhatsApp :- 9753054476
    Email ID :- [[email protected]]
    Address :-
    Shop No 12, Mathpara Pujari Vatika, New Bus Stand Road, Raipur-492001, Raipur, Chhattisgarh

    April 2026
    M T W T F S S
     12345
    6789101112
    13141516171819
    20212223242526
    27282930  
    « Mar    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.