सेवा की कहानी : कम पानी में खीरे की खेती से मुकेश ने कमाए 2.25 लाख रुपये, अब 4 एकड़ में टमाटर की तैयारी
ड्रिप और मल्चिंग तकनीक ने बदली खेती की तस्वीर, वर्षा आधारित खेती से आधुनिक कृषि की ओर बढ़े किसान

रायपुर, 22 सितंबर 2026
सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ( WDC-PMKSY 2-0) किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीकों से जोड़कर खेती में नए अवसर उपलब्ध करा रही है। जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम गोढ़ीकला निवासी किसान श्री मुकेश यादव, पिता श्री कर्णधर यादव के लिए जलग्रहण परियोजना के तहत मिली ड्रिप सिंचाई प्रणाली और तकनीकी मार्गदर्शन खेती में बदलाव का आधार बना है। एक एकड़ में ड्रिप और मल्चिंग तकनीक से खीरे की खेती कर उन्होंने लगभग 2 लाख 25 हजार रुपये की आय अर्जित की। बेहतर परिणामों से उत्साहित होकर अब उन्होंने 4 एकड़ में ग्राफ्टेड टमाटर की खेती शुरू की है।
वर्षा आधारित खेती से आधुनिक तकनीक की ओर बढ़े मुकेश
मुकेश यादव पहले पारंपरिक तरीके से खेती करते थे और मुख्य रूप से वर्षा पर निर्भर रहते थे। सिंचाई की पर्याप्त सुविधा और आधुनिक कृषि तकनीकों के अभाव में उत्पादन सीमित रहता था। खेती में मेहनत और लागत अधिक होने के बावजूद अपेक्षित आय नहीं हो पाती थी।
कृषि विभाग द्वारा जलग्रहण परियोजना के अंतर्गत उन्हें ड्रिप सिंचाई प्रणाली के साथ तकनीकी मार्गदर्शन मिला। इसके बाद उन्होंने एक एकड़ भूमि में ड्रिप एवं मल्चिंग तकनीक अपनाकर उन्नत तरीके से खीरे की खेती शुरू की। नियंत्रित सिंचाई और उर्वरक प्रबंधन के माध्यम से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में सुधार हुआ तथा उन्हें लगभग 2.25 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई।
कम पानी में बेहतर उत्पादन ने बढ़ाया भरोसा
मुकेश बताते हैं कि ड्रिप सिंचाई से पौधों को आवश्यकता के अनुसार पानी और पोषक तत्व उपलब्ध कराना आसान हुआ। इससे पानी के उपयोग में बेहतर प्रबंधन के साथ फसल की देखभाल भी सुविधाजनक हुई। खीरे की खेती से प्राप्त बेहतर आय ने उनके भीतर व्यावसायिक खेती को आगे बढ़ाने का विश्वास पैदा किया है।
उन्होंने कहा कि पहले पारंपरिक खेती में मेहनत अधिक और आमदनी सीमित थी। ड्रिप सिंचाई प्रणाली मिलने के बाद आधुनिक तरीके से खेती करने का अवसर मिला। कम पानी में बेहतर उत्पादन और बाजार में अच्छी कीमत मिलने से उनकी आय में वृद्धि हुई।
अब 4 एकड़ में ग्राफ्टेड टमाटर की खेती
खीरे की खेती में मिले बेहतर परिणामों से उत्साहित मुकेश यादव अब खेती को बड़े स्तर पर आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने 4 एकड़ भूमि में ड्रिप तकनीक से ग्राफ्टेड टमाटर की साहो किस्म की खेती शुरू की है।
ड्रिप सिंचाई से पानी का बेहतर प्रबंधन करते हुए फसल उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार की दिशा में वे आगे बढ़ रहे हैं। आधुनिक तकनीक अपनाने से खेती को नियमित और लाभकारी आय का माध्यम बनाने का उनका भरोसा मजबूत हुआ है।
किसान ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
मुकेश यादव ने कहा कि जलग्रहण परियोजना के माध्यम से मिली ड्रिप सिंचाई प्रणाली और तकनीकी मार्गदर्शन ने उनकी खेती की दिशा बदलने में मदद की है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की किसानों की आय बढ़ाने की संकल्पना और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुकेश की कहानी बताती है कि सिंचाई की आधुनिक तकनीक, तकनीकी मार्गदर्शन और किसान की मेहनत का मेल खेती को आत्मनिर्भरता और बेहतर आय का मजबूत आधार बना सकता है।



