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हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ थीम पर होगा 9वां राष्ट्रीय पोषण माह-2026

9 सितंबर से पूरे छत्तीसगढ़ में शुरू होगा राज्यव्यापी अभियान, आंगनवाड़ी केंद्र बनेंगे पोषण, देखभाल और बाल विकास के सशक्त केंद्र

रायपुर, 2 सितंबर 2026

छत्तीसगढ़ में बच्चों और माताओं के पोषण स्तर को बेहतर बनाने तथा समुदाय को पोषण संबंधी प्रयासों से जोड़ने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के अंतर्गत 9वां राष्ट्रीय पोषण माह-2026 9 सितंबर से राज्यभर में आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष अभियान की थीम ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ रखी गई है। अभियान का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों को पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित करते हुए समुदाय की सक्रिय भागीदारी और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

राष्ट्रीय पोषण माह के माध्यम से यह संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा कि बच्चों का सुपोषण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार, समुदाय और समाज की साझा जिम्मेदारी है। अभियान के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

स्थानीय खाद्य पदार्थों से पौष्टिक आहार का होगा प्रदर्शन

पोषण माह के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों में स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध और कम लागत वाली खाद्य सामग्री से पौष्टिक व्यंजन तैयार करने का जीवंत प्रदर्शन किया जाएगा। पोषण मेलों के माध्यम से मिलेट्स, मौसमी फल-सब्जियों, दालों, दुग्ध उत्पादों, मेवों और विभिन्न प्रकार के बीजों जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों की उपयोगिता बताई जाएगी।

इसके साथ ही ‘प्रोटीन रिच फूड’ अभियान के जरिए परिवारों को दैनिक भोजन में प्राकृतिक और किफायती प्रोटीन स्रोतों को शामिल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। स्थानीय खाद्य विविधता को बढ़ावा देकर संतुलित एवं पोषणयुक्त आहार की आदत विकसित करने पर विशेष जोर रहेगा।

गर्म पके भोजन की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी

आंगनवाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को उपलब्ध कराए जाने वाले गर्म पके भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और विविधता की विशेष निगरानी की जाएगी। केंद्रों में नाश्ते और गर्म भोजन का साप्ताहिक मेन्यू बोर्ड अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे पोषण आहार की जानकारी सभी के लिए सार्वजनिक रहे। भोजन की तैयारी और वितरण में पारदर्शिता एवं सामुदायिक निगरानी सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों और मातृ समितियों को भी निगरानी व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।

जीवन के पहले 1000 दिनों पर रहेगा विशेष फोकस

बच्चे के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास की मजबूत नींव रखने के लिए जीवन के शुरुआती 1,000 दिनों में पोषण और संवेदनशील देखभाल के महत्व को विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा संशोधित होम विजिट शेड्यूलर के माध्यम से घर-घर जाकर माताओं और अभिभावकों को पोषण, स्वास्थ्य एवं बाल देखभाल संबंधी परामर्श दिया जाएगा।

‘नवचेतना’ और ‘आधारशिला’ पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ बच्चों में विकासात्मक विलंब की प्रारंभिक पहचान पर भी जोर रहेगा। आवश्यकता होने पर ऐसे बच्चों को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (त्ठैज्ञ) की मेडिकल टीमों के माध्यम से उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में संदर्भित किया जाएगा, ताकि समय पर आवश्यक जांच और उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का होगा 100 प्रतिशत सैचुरेशन

राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (च्डडटल्) के अंतर्गत प्रत्येक पात्र गर्भवती एवं धात्री महिला को योजना से जोड़ने के लिए विशेष 100 प्रतिशत सैचुरेशन अभियान चलाया जाएगा। लंबित आवेदनों की समीक्षा कर उनके सत्यापन, स्वीकृति और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (क्ठज्) की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।

मैदानी स्तर पर जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को योजना की पात्रता, मिलने वाले लाभ और किस्तों की जानकारी दी जाएगी, ताकि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे।

सामुदायिक भागीदारी से बनेगा पोषण का जनआंदोलन

राष्ट्रीय पोषण माह-2026 के दौरान राज्यभर में आयोजित गतिविधियों का केंद्र बिंदु जनभागीदारी रहेगा। आंगनवाड़ी केंद्रों को समुदाय से जोड़ते हुए पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और बाल विकास के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया जाएगा। अभियान का लक्ष्य केवल पोषण संबंधी जानकारी देना नहीं, बल्कि हर परिवार को स्वस्थ बचपन और सुपोषित समाज के निर्माण में सहभागी बनाना है।

‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ की भावना के साथ आयोजित यह अभियान छत्तीसगढ़ में आंगनवाड़ी केंद्रों को सुपोषण, संवेदनशील देखभाल और बच्चों के सर्वांगीण विकास के सशक्त आधार के रूप में और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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