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सेंट्रिंग प्लेट व्यवसाय से अपनी गृहस्थी को आर्थिक मजबूती प्रदान कर रही हैं फूलकली

अनामिका महिला स्व-सहायता समूह की सफलता की मिसाल फूलकली ने स्वरोजगार से लिखी समृद्धि की राह

रायपुर, 17 जुलाई 2026

अनामिका महिला स्व-सहायता समूह की सफलता की मिसाल फूलकली ने स्वरोजगार से लिखी समृद्धि की राह

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम डोंगरीटोला की रहने वाली श्रीमती फूलकली सेंट्रिंग प्लेट व्यवसाय से अपनी गृहस्थी को आर्थिक मजबूती प्रदान कर रही हैं। यह कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि यदि आत्मविश्वास, मेहनत और सही मार्गदर्शन का साथ मिल जाए तो सीमित संसाधनों के बीच भी सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) बिहान से जुड़कर उन्होंने न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि गांव की अनेक महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गईं।

बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संगठित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। इस मिशन के तहत महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और व्यावसायिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। यही प्रयास आज हजारों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है और उनमें से एक नाम है अनामिका महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती फूलकली का।

ग्राम डोंगरीटोला में गठित अनामिका महिला स्व-सहायता समूह में 10 महिलाएं शामिल हैं। बिहान मिशन की विकासखंड मिशन प्रबंधन इकाई के मार्गदर्शन और सतत क्षमता विकास कार्यक्रमों ने समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का नया रास्ता दिखाया। फूलकली भी प्रारंभ से ही इस समूह से जुड़ीं। एक साधारण गृहिणी के रूप में जीवन व्यतीत करने वाली फूलकली के मन में अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का सपना था। उन्होंने समूह की बैठकों में नियमित भाग लिया, समूह के सभी नियमों का पालन किया और आजीविका के नए अवसरों को अपनाने का संकल्प लिया।

समूह को प्राप्त रिवॉल्विंग फंड से उन्होंने 15 हजार रुपये का ऋण लेकर सबसे पहले अपने परिवार की आवश्यक जरूरतों को पूरा किया। इसके बाद समूह को प्राप्त सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) से 60 हजार रुपये की सहायता मिली। इस राशि ने उनके सपनों को नई दिशा दी। उन्होंने लगभग एक लाख रुपये का निवेश कर सेंट्रिंग प्लेट का व्यवसाय प्रारंभ किया। शुरुआती दौर में उन्होंने कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन अपने परिश्रम, ईमानदारी और लगन के बल पर धीरे-धीरे व्यवसाय को आगे बढ़ाया।

आज फूलकली दीदी का सेंट्रिंग प्लेट व्यवसाय सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। इस कार्य से उन्हें प्रतिमाह लगभग 10 हजार रुपये की नियमित आय प्राप्त हो रही है और एक वर्ष में लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये का लाभ अर्जित कर रही हैं। इस आय से उन्होंने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, घरेलू आवश्यकताओं को सहजता से पूरा किया और भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित की है। कभी जो महिला केवल घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित थीं, वही आज अपने परिवार की आर्थिक आधारशिला बन चुकी हैं।

फूलकली की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह पूरे गांव के लिए प्रेरणा बन गई है। उनकी मेहनत और उपलब्धियों को देखकर अन्य महिलाएं भी स्व-सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित हो रही हैं।

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