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मातृ वंदना योजना से सशक्त हो रहा मातृत्व, माताओं और नवजातों को मिल रहा आर्थिक संबल

रायपुर, 17 जुलाई 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) छत्तीसगढ़ में माताओं और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षित मातृत्व का मजबूत आधार बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे प्रदेश की लाखों पात्र महिलाओं को गर्भावस्था और प्रसव के दौरान आर्थिक सहायता का लाभ मिल रहा है।
योजना के सकारात्मक परिणाम प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। गरियाबंद जिले के छुरा विकासखंड के ग्राम कोसमी की श्रीमती सरस्वती नंदे को भी इस योजना का लाभ मिला है हैं।श्रीमती सरस्वती को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 5 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि इस राशि से उन्हें अपने शिशु के बेहतर पोषण, आवश्यक स्वास्थ्य देखभाल और लालन-पालन में काफी मदद मिली। समय पर मिली आर्थिक सहायता से परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम हुआ और नवजात की जरूरतों को पूरा करना आसान हो गया।श्रीमती सरस्वती ने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली संतान के लिए पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को निर्धारित शर्तों के अनुसार 5 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। वहीं दूसरी संतान यदि बालिका हो, तो निर्धारित प्रावधानों के तहत अतिरिक्त लाभ भी दिया जाता है। योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को बेहतर पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच, संस्थागत प्रसव तथा नवजात शिशु की समुचित देखभाल के लिए प्रोत्साहित करना है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि योजना के सफल क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। अब तक 14.49 लाख से अधिक महिलाओं को योजना का लाभ मिल चुका है तथा 558.93 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में अंतरित की गई है। यह उपलब्धि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पात्र महिलाओं का समय पर पंजीयन, आवश्यक मार्गदर्शन और योजना की जानकारी लगातार उपलब्ध कराई जा रही है। विभाग ने सभी पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीयन कराकर योजना का लाभ अवश्य प्राप्त करें।

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