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हरा सोना ने वनांचल में बिखेरा खुशहाली : साय सरकार ने तेन्दूपत्ता संग्राहकों के खातों में भेजे 688 करोड़ से अधिक रुपए

रायपुर, 22 जून 2026

छत्तीसगढ़ के वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों में खुशहाली की एक नई बयार चल रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संवेदनशील नेतृत्व और वन मंत्री श्री केदार कश्यप के कड़े निर्देशों के चलते प्रदेश के लाखों ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे हैं। राज्य सरकार की विशेष पहल पर, इस वर्ष तेन्दूपत्ता संग्राहकों के सीधे बैंक खातों में डिजिटल माध्यम से करोड़ों रुपये की संग्रहण राशि ट्रांसफर की जा रही है। पारदर्शिता और सुशासन की मिसाल पेश करते हुए यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह बिचौलिया-मुक्त बनाई गई है।

छत्तीसगढ़ लघु वनोपज संघ से मिले 19 जून के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य सरकार ने वनांचल के विकास को रफ्तार देते हुए अब तक प्रदेश के 10 लाख 57 हजार से अधिक तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 688.58 करोड़ रुपये का सीधा भुगतान कर दिया है।
मेहनत का सीधा फलरू सीधे खातों में पहुँची राशि

छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में अब तक कुल 13 लाख 85 हजार 895 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया जा चुका है। इसके बदले में संग्राहकों को कुल 762.24 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना तय है, जिसमें से रिकॉर्ड 688.58 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों (DBT) में जमा कराए जा चुके हैं। बाकी बची हुई राशि भी बहुत तेजी से ग्रामीणों के खातों में भेजी जा रही है ताकि किसी भी परिवार को अपनी मेहनत के पैसे के लिए इंतजार न करना पड़े।
ज़िला यूनियनों (वन वृत्तों) की बड़ी सफलताएँ

     प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में तेन्दूपत्ता संग्रहण और भुगतान का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है, जो इस प्रकार हैं।

सरगुजा वृत्त रू संग्रहण के मामले में यह क्षेत्र सबसे आगे है। यहाँ 2 लाख 66 हज़ार 933 संग्राहकों को 162.75 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
बिलासपुर वृत्त रू इस क्षेत्र के 2 लाख 43 हज़ार 996 संग्राहकों के खातों में 159.42 करोड़ रुपये की राशि सुरक्षित ट्रांसफर की गई है।
रायपुर वृत्त: यहाँ के 1 लाख 89, हजार 048 संग्राहकों को अब तक 106.00 करोड़ रुपये का लाभ मिल चुका है।
काँकेर वृत्तरू इस वृत्त में 1 लाख 36 हजार 59 संग्राहकों को डिजिटल माध्यम से कुल 105.33 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
जगदलपुर (बस्तर) वृत्त: बस्तर के सुदूर और दुर्गम इलाकों में सक्रियता दिखाते हुए 93 हजार 519 संग्राहकों को 69.21 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

धमतरी, गरियाबंद और महासमुंद क्षेत्र रू इन क्षेत्रों में भी भुगतान का प्रतिशत बेहद शानदार है, जहाँ महासमुंद में 41.36 करोड़ और गरियाबंद में 40.91 करोड़ रुपये संग्राहकों को मिल चुके हैं।

सॉफ्टवेयर का पहरा, बिचौलियों का खेल खत्म

वन मंत्री श्री केदार कश्यप के कड़े निर्देशों पर इस बार पूरी भुगतान प्रणाली को हाई-टेक और श्त्रुटिहीनश् बनाया गया है। श्सॉफ्टवेयर आधारित भुगतान प्रणालीश् लागू होने से अब ग्रामीणों को किसी दफ्तर या बिचौलिए के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों के खून-पसीने की पूरी कमाई बिना किसी कटौती के सीधे उनके पास पहुँच रही है।
मजबूत हो रही है ग्रामीण अर्थव्यवस्था

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की इस पारदर्शी और त्वरित नीति से वनांचल के लोगों की क्रय शक्ति (खरीदने की क्षमता) में बड़ा उछाल आया है। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है, बल्कि स्थानीय बाजारों में भी रौनक लौट आई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बचे हुए संग्राहकों का भुगतान भी बिना किसी तकनीकी रुकावट के तुरंत पूरा किया जाए।

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