छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ जनसंपर्करायपुर

गंगरेल के जंगलों से गहरे जख्मों के साथ रेस्क्यू हुआ अजगर

प्राथमिक इलाज के बाद विशेषज्ञ देखभाल के लिए रायपुर जंगल सफारी भेजा गया

रायपुर, 09 अगस्त 2026

धमतरी वन परिक्षेत्र के गंगरेल वन क्षेत्र में गंभीर रूप से घायल मिले एक भारतीय अजगर (पायथन मोलुरस) को वन विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। धमतरी में प्राथमिक उपचार देने के बाद अजगर को बेहतर इलाज और निरंतर निगरानी के लिए रायपुर स्थित नंदनवन जंगल सफारी भेज दिया गया है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उसका स्वास्थ्य सुधर रहा है।

पत्थर या भारी वस्तु से हमले की आशंका

मामला 8 अगस्त का है, जब गंगरेल के जंगल में एक विशालकाय अजगर को लहूलुहान अवस्था में देखा गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने सर्प मित्र नीरज पांडेय के सहयोग से अजगर का रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित रूप से धमतरी वन परिक्षेत्र कार्यालय लाया गया। वन परिक्षेत्र अधिकारी, धमतरी और डिप्टी रेंजर की मौजूदगी में पशु चिकित्सक ने अजगर की चिकित्सकीय जांच की। परीक्षण के दौरान अजगर के सिर, पूंछ और शरीर के कई हिस्सों में गहरे घाव पाए गए। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी ने उस पर भारी पत्थर या किसी कठोर वस्तु से जानबूझकर हमला किया था।

रायपुर जंगल सफारी में विशेषज्ञों की निगरानी में इलाज

डॉ. मयंक पटेल द्वारा तुरंत प्राथमिक उपचार देने और आवश्यक दवाएं प्रदान करने के बाद अजगर की स्थिति स्थिर हुई। डिप्टी रेंजर ने बताया कि अजगर के घाव गहरे हैं, इसलिए उसे उच्च स्तरीय देखभाल और निरंतर विशेषज्ञ निगरानी की आवश्यकता थी। इसी उद्देश्य से शनिवार रात को अजगर को राजधानी रायपुर के जंगल सफारी स्थानांतरित कर दिया गया, जहां वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम उसकी रिकवरी पर नज़र बनाए हुए है।

वन विभाग की अपील 

वन्यजीवों पर हमला न करें, तुरंत दें सूचना

वन विभाग ने इस घटना के बाद आम नागरिकों से वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और सतर्कता बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि कोई भी घायल या भटकता हुआ वन्यजीव दिखने पर उसे नुकसान न पहुंचाएं और न ही स्वयं पकड़ने का प्रयास करें। ऐसे मामलों की सूचना तत्काल वन विभाग या स्थानीय पुलिस को दें, क्योंकि वन्यजीवों का संरक्षण हम सभी की साझी जिम्मेदारी है।

Related Articles

Back to top button