कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने किया काशीसोत व्यपवर्तन योजना नहर विस्तार कार्य का भूमिपूजन
किसानों की समृद्धि एवं कृषि क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध सरकार - श्री नेताम

’1314.53 लाख रुपये की लागत से होगा नहर विस्तार’
’650 हेक्टेयर क्षेत्र को मिलेगी सिंचाई सुविधा’
’150 किसान प्रत्यक्ष रूप से होंगे लाभान्वित’
’सिंचाई सुविधा के विस्तार से क्षेत्र विकास को मिलेगी नई गति’
रायपुर, 30 मई 2026

बलरामपुर जिले के प्रवास पर पहुंचे आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, मछलीपालन एवं पशुधन विकास विभाग मंत्री श्री रामविचार नेताम ने विकासखंड रामचंद्रपुर अंतर्गत ग्राम पिपरोल में काशीसोत व्यपवर्तन योजना के नहर विस्तार कार्य का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री धीरज सिंह देव, जनपद अध्यक्ष बलरामपुर सुश्री सुमित्रा चेरवा, जनपद अध्यक्ष रामचंद्रपुर श्री मुंद्रिका सिंह, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बेंकर, जिला पंचायत सदस्य सहित विभिन्न जनप्रतिनिधिगण, अनुविभागीय अधिकारी श्री आनंद राम नेताम, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन अधिकारी श्री एन पी डहरिया, सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन मौजूद रहे।
इस महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना के लिए शासन द्वारा 1314.53 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।नहर विस्तार कार्य के अंतर्गत मुख्य नहर का निर्माण एवं विस्तार 5920 मीटर तथा माईनर नहर का विस्तार 9910 मीटर लंबाई में किया जाएगा। परियोजना पूर्ण होने के पश्चात क्षेत्र के किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी।
इस योजना से खरीफ मौसम में 500 हेक्टेयर तथा रबी मौसम में 150 हेक्टेयर सहित कुल 650 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। साथ ही क्षेत्र के लगभग 150 किसानों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ प्राप्त होगा।
इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि एवं कृषि क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से सेंदुर और पिपरौल के किसानों को वर्षभर खेती करने का अवसर मिलेगा तथा कृषि उत्पादन को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि आज का दिन क्षेत्रवासियों के लिए खुशी और विकास का अवसर लेकर आया है। शासन एवं प्रशासन द्वारा विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों के माध्यम से आम जनता को अधिक से अधिक लाभान्वित करने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 10 किलोमीटर लंबी नहर के निर्माण एवं विस्तार से किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलेगी, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने किसानों को धान के अलावा अन्य दलहनी, तिलहनी फसलों को बढ़ावा देने की बात कही उन्होंने कहा कि मिश्रित खेती से बेहतर लाभ मिलेगा। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के बदले जैविक खाद एवं जैविक खेती करने प्रेरित किया।उन्होंने किसानों को गोबर खाद का उपयोग कर जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इससे भूमि की उर्वरता बनी रहेगी और उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार होगा।
उन्होंने बताया कि नहर से केवल सिंचाई की सुविधा ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि पशुपालन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि आगामी समय में क्षेत्र में मत्स्य पालन गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने क्षेत्र की समृद्धि के लिए विभिन्न आजीविका गतिविधियों के विस्तार पर जोर देते हुए ग्रामीणों को शासन की योजनाओं से जुड़कर लाभ लेने की अपील की। उन्होंने विद्युत विस्तार कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि क्षेत्रवासियों को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे विकास गतिविधियों को और गति मिलेगी।
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया
कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि कृषि मंत्री की पहल से क्षेत्र में नहर विस्तार कार्य का भूमिपूजन किया गया है, जिससे किसानों को विशेषकर रबी फसलों की सिंचाई में बेहतर सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से आने वाले समय में किसान दोहरी फसल लेकर अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे। कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने किसानों से धान खरीदी सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि सुशासन शिविर में भी एग्रीस्टैक पंजीयन का कार्य किया जा रहा है, इसलिए सभी पात्र किसान इसका लाभ लेते हुए अपना पंजीयन अवश्य कराएं। कलेक्टर ने उपस्थित महिलाओं से महतारी वंदन योजना का लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त करने के लिए समय पर ई-केवाईसी कराने का भी आग्रह किया।


