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जॉब कार्ड बना ईश्वरी के परिवार की नई उम्मीद

मनरेगा से गांव में मिलेगा रोजगार, अब नहीं बच्चों की फीस चिंता

रायपुर, 19 मई 2026

शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में नई आशा और आत्मविश्वास का संचार कर रही हैं। दुर्ग जिले के जनपद पंचायत दुर्ग अंतर्गत ग्राम पाउवारा की निवासी श्रीमती ईश्वरी साहू इसका जीवंत उदाहरण हैं। लंबे समय से आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे उनके परिवार को अब मनरेगा योजना के माध्यम से नई राहत मिली है।

श्रीमती ईश्वरी साहू के पति के अस्वस्थ रहने के कारण परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। सीमित आय और रोजगार के अभाव में परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो रहा था। बच्चों की पढ़ाई, स्कूल फीस और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति भी बड़ी चुनौती बन गई थी। ऐसे कठिन समय में शासन की महत्वाकांक्षी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) उनके लिए सहारा बनकर सामने आई।

सुशासन तिहार अंतर्गत पुरई में आयोजित शिविर में श्रीमती ईश्वरी साहू को जॉब कार्ड प्रदान किया गया। जॉब कार्ड मिलने के बाद अब उन्हें गांव में ही रोजगार उपलब्ध हो सकेगा, जिससे परिवार को नियमित आय का स्रोत मिलेगा। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि बच्चों की शिक्षा और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करना भी आसान हो जाएगा।

श्रीमती ईश्वरी साहू ने शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जॉब कार्ड उनके परिवार के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें विश्वास है कि मेहनत के साथ वे अपने परिवार को बेहतर जीवन दे सकेंगी। उन्होंने अन्य ग्रामीणों से भी शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।

सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। मनरेगा जैसी योजनाएं ग्रामीण परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

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