Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Aj Ki News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    • Login
    Aj Ki News
    Home»राज्य»छत्तीसगढ़»20 जिलों में फोल्डस्कोप का प्रयोग: मिट्टी की गुणवत्ता और बीमारियों का पता लगाने वाली ऐसी है तकनीक
    छत्तीसगढ़

    20 जिलों में फोल्डस्कोप का प्रयोग: मिट्टी की गुणवत्ता और बीमारियों का पता लगाने वाली ऐसी है तकनीक

    News DeskBy News DeskDecember 30, 2024No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    20 जिलों में फोल्डस्कोप का प्रयोग: मिट्टी की गुणवत्ता और बीमारियों का पता लगाने वाली ऐसी है तकनीक
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ में खेती को और भी बेहतर और समृद्ध बनाने के लिए हर दिन नए प्रयोग किए जा रहे हैं। किसानों को उच्च तकनीक वाले कृषि उपकरणों का उपयोग करने और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। ऐसे में एक नई तकनीक भी सामने आई है। जिसका नाम है फोल्डस्कोप। राज्य के किसान अब फोल्डस्कोप तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं।

    छत्तीसगढ़ में फसलों में कीटों के प्रबंधन और उच्च नस्ल के पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसानों को फोल्डस्कोप माइक्रोस्कोप का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य के 20 जिलों में फोल्डस्कोप तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। किसानों को 'फोल्डस्कोप' नामक पोर्टेबल माइक्रोस्कोप भी वितरित किया गया है, जिसका उद्देश्य खेती और पशुपालन में वैज्ञानिक तकनीकों से किसानों को सशक्त और मजबूत बनाना है।

    छत्तीसगढ़ के इन जिलों में हुआ लागू

    राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान के सहयोग से रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार-भाटापारा, रायपुर, धमतरी, दुर्ग, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, कोरिया, सरगुजा, जशपुर, कोरबा, सक्ती, महासमुंद, बिलासपुर, मुंगेली, कबीरधाम, बेमेतरा, कांकेर और बस्तर जिले के 30 से अधिक गांवों में इसे लागू किया गया है। आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है। यहां की 70 फीसदी से ज्यादा आबादी खेती पर निर्भर है। खेती छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था की धुरी भी है। छत्तीसगढ़ को खुशहाल और समृद्ध बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को हर संभव मदद दे रही है।

    रोगों का पता लगाने में कारगर

    किसान गोलोविनोमाइसीज सिकोरोसारम और एरीसिफे पॉलीगोनी जैसे रोगजनकों का पता लगा सकते हैं। फोल्डस्कोप सिर्फ खेती तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका इस्तेमाल पशुपालन में भी किया जा रहा है। इसका उपयोग मवेशियों के कृत्रिम गर्भाधान के लिए वीर्य की गुणवत्ता का आकलन करने के लिए किया गया है। इससे गर्भधारण दर में सुधार हुआ है और देशी मवेशियों की नस्लों की ग्रेडिंग में सुधार हो रहा है। फोल्डस्कोप का उपयोग पांच जैविक कीटनाशकों और दो बायोएजेंटों के परीक्षण के लिए भी किया गया है। इससे रसायनों पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण के अनुकूल खेती को बढ़ावा देने में मदद मिल रही है। फोल्डस्कोप बनाने का विचार तब आया जब प्रोफेसर मनु प्रकाश ने खेतों का दौरा किया और पाया कि वैज्ञानिक उपकरणों की अनुपलब्धता किसानों के लिए एक बड़ी बाधा है। उन्होंने एक ऐसा उपकरण विकसित किया जो सस्ता, टिकाऊ और ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोग के लिए आदर्श है। फोल्डस्कोप ने छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए कृषि और पशुपालन को सरल और वैज्ञानिक बना दिया है। यह उपकरण न केवल खेती की लागत को कम कर रहा है बल्कि फसलों और मवेशियों की गुणवत्ता में सुधार करके उनकी आय बढ़ाने में भी कारगर साबित हो रहा है।

    यहां जानें, क्या है फोल्डस्कोप तकनीक?

    फोल्डस्कोप स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक प्रोफेसर मनु प्रकाश और उनकी टीम द्वारा विकसित एक किफायती और पोर्टेबल माइक्रोस्कोप है। इसे 2014 में लॉन्च किया गया था और तब से इसका इस्तेमाल शिक्षा, शोध और निदान के लिए किया जा रहा है। कृषि और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में यह उपकरण अत्यंत उपयोगी और किफायती है। किसान कीट और रोग का पता लगाने, मिट्टी की गुणवत्ता की जांच और जल विश्लेषण के लिए फोल्डस्कोप का उपयोग कर रहे हैं। इसकी मदद से फसलों में पाउडरी फफूंद, पत्ती झुलसा, पत्ती धब्बा और कटाई के बाद होने वाली बीमारियों की पहचान की जा रही है। फोल्डस्कोप की मदद से अब तक 16 तरह की फफूंद जनित बीमारियों और उनके कारक जीवों की पहचान की जा चुकी है।

    News Desk

    Related Posts

    पासपोर्ट सेवा केंद्र रायपुर का होगा नए स्थान तेलीबांधा से संचालन

    March 30, 2026

    संवेदनशील नेतृत्व की मिसाल: मुख्यमंत्री श्री साय ने दिव्यांग चंदूलाल की सुनी पुकार, मिनटों में मिला समाधान

    March 30, 2026

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 : कुश्ती स्पर्धा के तीसरे दिन भी जारी रहा मुकाबले का रोमांच

    March 30, 2026

    108 संजीवनी एक्सप्रेस (NAS) के अंतर्गत नवीन एम्बुलेंसों के शुभारंभ हेतु आमंत्रण

    March 30, 2026

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026: खेल के साथ पर्यटन का संगम, छत्तीसगढ़ की मेहमाननवाज़ी ने जीता दिल

    March 30, 2026

    रफ्तार, रोमांच और संस्कृति का संगम: बस्तर राइडर्स मीट 2026 4 अप्रैल को होगा ऐतिहासिक आयोजन

    March 30, 2026
    Advertisement Carousel
    × Popup Image
    RO Num- 13519/185
    13519/185
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    पासपोर्ट सेवा केंद्र रायपुर का होगा नए स्थान तेलीबांधा से संचालन

    March 30, 2026

    संवेदनशील नेतृत्व की मिसाल: मुख्यमंत्री श्री साय ने दिव्यांग चंदूलाल की सुनी पुकार, मिनटों में मिला समाधान

    March 30, 2026

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 : कुश्ती स्पर्धा के तीसरे दिन भी जारी रहा मुकाबले का रोमांच

    March 30, 2026

    108 संजीवनी एक्सप्रेस (NAS) के अंतर्गत नवीन एम्बुलेंसों के शुभारंभ हेतु आमंत्रण

    March 30, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Ajkinews Office
    Ajkinews Office
    Chief Editor :- Asha Nirmal
    For Advertising Call :- 7489887346
    WhatsApp :- 9753054476
    Email ID :- [[email protected]]
    Address :-
    Shop No 12, Mathpara Pujari Vatika, New Bus Stand Road, Raipur-492001, Raipur, Chhattisgarh

    March 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    23242526272829
    3031  
    « Feb    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.