सेवा की कहानी : मिनीमाता महतारी जतन योजना: सरस्वती बघेल को मिला सहारा, प्रसव के बाद मां और शिशु की देखभाल हुई आसान

रायपुर, 12 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा श्रमिक परिवारों के कल्याण और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों और उनके परिवारों को कठिन परिस्थितियों में सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसी कड़ी में श्रम विभाग की मिनीमाता महतारी जतन योजना महिला श्रमिकों को प्रसूति के समय आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके जीवन में राहत और सुरक्षा का सहारा बन रही है।
कोण्डागांव जिले के ग्राम जोंधरापदर की श्रीमती सरस्वती बघेल को भी इस योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। प्रसूति के बाद शासन की ओर से उन्हें 20 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की गई। श्रीमती बघेल ने बताया कि उन्हें आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से इस योजना की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्हें योजना का लाभ प्राप्त करने में सहायता मिली।
उन्होंने यह भी बताया कि बच्चे के जन्म के बाद मां और नवजात शिशु की उचित देखभाल के साथ पौष्टिक आहार, दवाइयों और अन्य चीजों की श्रीमती बघेल ने बताया कि जरूरत पड़ती है, जिसकी पूर्ति के लिए परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता है। श्रीमती बघेल ने बताया कि योजना के तहत शासन से प्राप्त 20 हजार रुपये की सहायता राशि ने उनकी जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे उन्हें प्रसव के बाद अपने स्वास्थ्य और बच्चे के पोषण एवं देखभाल पर ध्यान देने में सहूलियत मिली।
बकौल श्रीमती बघेल, आवश्यकता के समय मिली इस आर्थिक सहायता से परिवार को काफी राहत मिली और प्रसूति के बाद होने वाले जरूरी खर्चों का प्रबंधन भी आसान हुआ। उन्होंने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, श्रम मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखनलाल देवांगन सहित शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
मिनीमाता महतारी जतन योजना जरूरतमंद महिला श्रमिकों के लिए आर्थिक सहयोग का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को प्रसूति के समय सहायता उपलब्ध कराकर मातृ एवं शिशु के स्वास्थ्य, पोषण और बेहतर देखभाल को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस प्रकार शासन की यह पहल श्रमिक परिवारों को संबल प्रदान करने के साथ महिलाओं के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने में योगदान दे रही है।



