स्वतंत्र एटीएमए जिला बनने की दिशा में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले की बड़ी पहल
तीन ग्रामों में पीआरए सर्वेक्षण पूर्ण, किसानों की सहभागिता से तैयार होगी जिले की कृषि विकास की नई कार्ययोजना

एसआरईपी के आधार पर कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य क्षेत्र के समग्र विकास को मिलेगी नई दिशा
रायपुर, 22 जुलाई 2026

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले को स्वतंत्र एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी (एटीएमए) जिला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। जिला कलेक्टर एवं आत्मा योजना के अध्यक्ष के मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा संचालित केंद्र प्रवर्तित एक्सटेंशन रिफॉर्म (एटीएमए) योजना के अंतर्गत जिले की स्ट्रेटेजिक रिसर्च एंड एक्सटेंशन प्लान (एसआरईपी) तैयार करने के लिए चयनित तीन ग्रामों में पार्टिसिपेटरी रूरल एप्रेजल (पीआरए) सर्वेक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। यह सर्वेक्षण जिले की वास्तविक कृषि आवश्यकताओं, चुनौतियों और संभावनाओं के आधार पर भविष्य की कृषि विकास रणनीति तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

तीनों विकासखंडों के चयनित गांवों में हुआ व्यापक सर्वेक्षण
सर्वेक्षण विकासखंड मोहला के ग्राम रेंगाकठेरा, विकासखंड मानपुर के ग्राम बसेली तथा विकासखंड अंबागढ़ चौकी के ग्राम बागनारा में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा किया गया। इस दौरान किसानों, महिला समूहों एवं ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता से कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी एकत्रित की गई।

किसानों ने साझा किए स्थानीय अनुभव और विकास की प्राथमिकताएं
पीआरए सर्वेक्षण के दौरान ग्रामीणों ने गांव की सामाजिक एवं सांस्कृतिक संरचना, प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता, कृषि एवं सिंचाई व्यवस्था, बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता, विपणन व्यवस्था, सड़क एवं परिवहन, नहर-नालों, चारागाह, वन एवं जैव विविधता सहित अनेक विषयों पर अपने अनुभव साझा किए। ग्रामीणों की सहभागिता से सामाजिक मानचित्र, संसाधन मानचित्र, भूमि उपयोग मानचित्र, फसल चक्र, भू-जल स्तर, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा विभिन्न विभागों के समन्वय को दर्शाने वाले वेन डायग्राम सहित अन्य पीआरए चार्ट भी तैयार किए गए।

जिले की जरूरतों के अनुरूप बनेगी कृषि विकास की रणनीति
कृषि विभाग के अनुसार पीआरए सर्वेक्षण के आधार पर तैयार होने वाली स्ट्रेटेजिक रिसर्च एंड एक्सटेंशन प्लान (एसआरईपी) जिले की वास्तविक आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय संभावनाओं पर आधारित होगी। इसके माध्यम से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार की जाएगी, जिससे योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन और किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप कृषि विस्तार सेवाएं सुनिश्चित की जा सकेंगी।
स्वतंत्र एटीएमए बनने से किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
जिले को स्वतंत्र एटीएमए का दर्जा मिलने के बाद कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन से जुड़े प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन, प्रदर्शन, नवाचार, क्षमता विकास तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का संचालन स्थानीय स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। इससे किसानों को समयबद्ध तकनीकी सहायता मिलेगी, आधुनिक कृषि तकनीकों का तेजी से विस्तार होगा तथा कृषि आधारित आजीविका के नए अवसर विकसित होंगे।
हजारों किसानों के लिए खुलेगा विकास का नया मार्ग
वर्तमान में जिले में एटीएमए योजना का संचालन मातृ जिला राजनांदगांव के माध्यम से किया जा रहा है। पीआरए सर्वेक्षण एवं एसआरईपी तैयार होने के बाद केंद्रीय टीम द्वारा अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके उपरांत जिले को स्वतंत्र एटीएमए जिला घोषित किए जाने पर योजनाओं का संचालन स्थानीय स्तर से प्रारंभ होगा, जिससे जिले के हजारों किसानों को सीधे लाभ मिलेगा।
कृषि विभाग का मानना है कि किसानों की सक्रिय सहभागिता से तैयार की जा रही एसआरईपी जिले की वास्तविक जरूरतों पर आधारित होगी। स्वतंत्र एटीएमए जिला बनने के बाद कृषि विस्तार सेवाएं अधिक प्रभावी, त्वरित, पारदर्शी और किसान-केंद्रित होंगी, जिससे मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।




