कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने दिए निर्देश: किसानों तक हर योजना का लाभ पहुंचे, बढ़े आय और उत्पादन

रायपुर, 02 जुलाई 2026

कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम एवं बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने गुरुवार को बीजापुर जिला कार्यालय के सभाकक्ष में बस्तर संभाग के बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में संचालित कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, किसानों की आय में वृद्धि तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र हितग्राही तक सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
कृषि मंत्री श्री नेताम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करते हुए नलकूप एवं कूप निर्माण के कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने तिलहन, दलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, हल्दी एवं गन्ना जैसी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए समन्वित प्रयास करने पर बल दिया। बैठक में पार्लर प्रोजेक्ट के तहत हल्दी की खेती, नारियल एवं ऑयल पाम के पौधारोपण तथा उद्यानिकी विभाग के लक्ष्यों की भी समीक्षा की गई। बीजापुर जिले में मक्का उत्पादन में हुई उल्लेखनीय वृद्धि की सराहना करते हुए किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान विभागीय भूमि के बेहतर उपयोग, रबी फसलों विशेषकर गेहूं की उत्पादकता बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण बीज वितरण, बीज उत्पादन कार्यक्रम, जैविक खेती तथा दलहन-तिलहन मिशन के प्रभावी संचालन पर विस्तार से चर्चा हुई। कृषि मंत्री ने दंतेवाड़ा जिले में पिछले सात वर्षों से सफलतापूर्वक संचालित जैविक खेती मॉडल को अन्य क्षेत्रों में भी अपनाने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से वंचित किसानों को जोड़ने, सभी किसानों की फार्मर आईडी तैयार करने तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के पात्र किसानों तक भी शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए। साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान पशुधन पोर्टल, टीकाकरण, मोबाइल वेटनरी यूनिट, राष्ट्रीय गोकुल मिशन, बकरी पालन, सूकर पालन एवं उन्नत मादा पालन योजनाओं की प्रगति का परीक्षण किया गया। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी।
मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा में हैचरी विस्तार, मछली एवं झींगा पालन को बढ़ावा देने, किसान क्रेडिट कार्ड, एनएफडीपी पंजीयन तथा विभागीय योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि मत्स्य पालकों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे तथा निर्धारित लक्ष्यों को तय समय-सीमा में पूरा किया जाए।
बैठक में छत्तीसगढ़ जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित बस्तर संभाग के बीजापुर, दंतेवाड़ा एवं सुकमा जिलों के कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।



