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जल जीवन मिशन ने बदली ग्राम पंचायत बरवासन की तकदीर

हर घर तक पहुँचा शुद्ध पेयजल, ग्रामीण विकास को मिली नई गति

350 परिवारों को मिली पानी के संकट से मुक्ति

रायपुर, 01 जून 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और जनजीवन को सुगम बनाने के लिए निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का प्रतिफल है कि गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के विकासखंड मरवाही के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बरवासन आज श्जल जीवन मिशनश् की बदौलत विकास और खुशहाली की नई मिसाल बन चुकी है। कभी भीषण पेयजल संकट से जूझने वाला यह गाँव अब घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने से आत्मविश्वास और संतोष से सराबोर दिखाई देता है।

भारत सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का प्रभावी क्रियान्वयन ग्राम पंचायत बरवासन में ग्रामीण जीवन की तस्वीर बदल रहा है। जिला मुख्यालय से लगभग 16 किलोमीटर दूर स्थित 1,367 की आबादी वाले इस गाँव के सभी 350 घरों तक अब नियमित रूप से स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुँच रहा है, जिससे ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो गया है।

1.38 करोड़ रूपए की लागत से आधुनिक जलापूर्ति व्यवस्था

ग्राम बरवासन में जल जीवन मिशन के अंतर्गत लगभग 1 करोड़ 38 लाख 75 हजार रुपये की लागत से सुदृढ़ पेयजल अधोसंरचना विकसित की गई है। योजना के तहत 40 हजार लीटर क्षमता का 12 मीटर ऊँचा ओवरहेड टैंक (उच्च स्तरीय टंकी) तथा 10-10 हजार लीटर क्षमता की 5 जी.आई. स्ट्रक्चर टंकियों का निर्माण किया गया है। इस प्रकार गाँव में कुल 90 हजार लीटर जल भंडारण की क्षमता तैयार की गई है। पिछले छह महीनों से इस सुव्यवस्थित प्रणाली के माध्यम से ग्रामीणों को घर बैठे शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे न केवल पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, बल्कि जलापूर्ति की नियमितता और गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

पानी के लिए भटकने की मजबूरी हुई खत्म

इस योजना के क्रियान्वयन से पहले बरवासन के ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। हैंडपंपों और अन्य दूरस्थ स्रोतों से पानी लाने में उनका काफी समय और श्रम व्यर्थ होता था। गर्मी के मौसम में तो चुनौतियाँ और भी बढ़ जाती थीं, जब पेयजल के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था। अब हर घर में नल कनेक्शन पहुँचने से यह परेशानी पूरी तरह समाप्त हो गई है। ग्रामीणों को घर पर ही स्वच्छ पेयजल मिल रहा है, जिससे उनके जीवन में सुविधा और सम्मान दोनों बढ़े हैं।

महिलाओं को बड़ी राहत, बच्चों की पढ़ाई पर बढ़ा ध्यान

गाँव की निवासी श्रीमती उर्मिला बताती हैं कि पहले पानी भरने के लिए दूर स्थित हैंडपंप तक जाना पड़ता था, जिससे समय और ऊर्जा दोनों की बहुत खपत होती थी। अब घर में ही नल से शुद्ध पानी मिलने के कारण दैनिक जीवन बेहद आसान हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन ने केवल पानी की समस्या का समाधान नहीं किया, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और परिवार के अन्य रचनात्मक कार्यों के लिए समय निकालने का अवसर भी दिया है। साथ ही, बच्चों को अब पानी लाने के काम में समय नहीं गंवाना पड़ता, जिससे वे अपनी पढ़ाई और खेलकूद पर अधिक ध्यान दे पा रहे हैं।

स्वास्थ्य, स्वच्छता और जीवन स्तर में आया सकारात्मक बदलाव

शुद्ध पेयजल की चौबीसों घंटे उपलब्धता से गाँव में स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है। दूषित पानी से होने वाली जलजनित बीमारियों की आशंका काफी कम हुई है और लोगों में साफ-सफाई की आदतों को बढ़ावा मिला है। सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होने से ग्रामीणों के समग्र जीवन स्तर में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में ग्रामीण विकास

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। जल जीवन मिशन के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों तक शुद्ध पेयजल पहुँचाने का अभियान युद्ध स्तर पर आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराकर उनके जीवन को अधिक स्वस्थ, सुविधाजनक और सम्मानजनक बनाना है।

विकास की नई मिसाल बना बरवासन

ग्राम पंचायत बरवासन की यह सफलता दर्शाती है कि जब जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन होता है, तो उसका सीधा लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है। जल जीवन मिशन ने बरवासन को केवल पानी ही नहीं दिया, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य, समय की बचत, आधुनिक सुविधा और सुरक्षित भविष्य की नई सौगात भी दी है। आज यह गाँव ग्रामीण विकास की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरा है और सरकार की जन-हितैषी नीतियों की सफलता का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।

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