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अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना – पात्र श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिलेगा निजी स्कूलों में दाखिला

श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता ने की विभागीय काम-काज समीक्षा

रायपुर, 29 मई 2026

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना - पात्र श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिलेगा निजी स्कूलों में दाखिला

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना - पात्र श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिलेगा निजी स्कूलों में दाखिला

श्रम विभाग के सचिव सह श्रमायुक्त श्री हिमशिखर गुप्ता ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में श्रम विभाग के काम-काज की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं श्रम मंत्री श्री लखन देवंागन के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए अनेक योजनायें संचालित की जा रही है। इन सभी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को मिले इस दिशा में विभाागीय अधिकारी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। बैठक में अपर श्रमायुक्त द्वय श्री एस.एल. जांगड़े एवं श्रीमती सविता मिश्रा, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मण्डल के सचिव श्री गिरीश रामटेके, श्रम विभाग के उप सचिव श्री विपुल गुप्ता सहित विभिन्न जिलों से आए श्रम विभाग के मैदानी अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान सचिव श्री गुप्ता ने कहा कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत पात्र श्रमिक परिवारों के बच्चों को स्कूलों में दाखिला मिले। इस दिशा में विभागीय अधिकारी आवश्यक कार्यवाही करें। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की पहल पर प्रारंभ होने जा रहे नए शैक्षणिक सत्र से सीटों की संख्या बढ़ाकर 100 से 200 कर दी गई है। इस योजना से निर्माण श्रमिकों के बच्चों केा प्रदेश के निजि स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक श्रेष्ठ आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा प्राप्त होगी। इनका पूरा खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। श्रमायुक्त ने जिलों के श्रम पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस योजना में अपात्र व्यक्ति को लाभ मिलता है अथवा किसी प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित जिलों के श्रम अधिकारी जवाबदेह होंगे और उनके विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

बैठक में सचिव सह श्रमायुक्त श्री गुप्ता ने श्रमिकों के पंजीयन के लिए प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, उनके हितों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण और योजनाओ का क्रियान्वयन समय अवधि में पूर्ण करें। ठेकेदार को जितने श्रमिकों का लाइसेंस प्राप्त है, उतने ही श्रमिक कार्यरत है की नहीं यह सुनिश्चित करने कहा गया। उन्होंने कारखाने की नियमित जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में ऑनलाईन रेण्डम निरीक्षण, अभियोजन एवं निराकरण की कार्यवाही, छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम अंतर्गत पंजीयन की समीक्षा, मिनी माता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना, असंगठित कर्मकार महतारी जतन योजना, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत शामिल योजनाओं की समीक्षा, इसके अलावा सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों पर जिलेवार की गई निराकरण की समीक्षा की गई।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में संगठित श्रमिकों एवं उनके परिवार के लिए कल्याणकारी योजनाओं के संचालन हेतु छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल, भवन एवं अन्य संनिर्माण में लगे निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवार के कल्याण के लिए छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत असंगठित कर्मकार एवं उनके परिवार के कल्याण हेतु छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल का गठन किया गया है। उक्त मण्डलों द्वारा श्रमिकों का पंजीयन किया जाकर उनके कल्याण हेतु योजनाओं का संचालन कर सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।

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