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संकट की घड़ी में श्रीमती शिलाबाई को राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना से मिली राहत

जनसमस्या निवारण शिविरों से साकार हो रहा सुशासन

जरूरतमंद परिवारों के लिए संबल बन रही शासकीय योजनाएं, डीबीटी से सीधे खाते में पहुंची सहायता

रायपुर, 25 मई 2026

आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण तथा शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से दुर्ग में आयोजित किए जा रहे जनसमस्या निवारण शिविर अब जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद और राहत का माध्यम बनते जा रहे हैं। प्रशासनिक संवेदनशीलता और सुशासन की इसी पहल के तहत जनपद पंचायत दुर्ग अंतर्गत ग्राम बेलौदी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी का साक्षी बना। ग्राम नागपुरा निवासी श्रीमती शिलाबाई को शिविर के दौरान ‘राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना’ के अंतर्गत 20 हजार रुपये की सहायता राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे उनके खाते में प्रदान की गई। यह सहायता उनके परिवार के लिए कठिन परिस्थितियों में एक महत्वपूर्ण सहारा साबित हुई है।

श्रीमती शिलाबाई के लिए यह सहायता प्रशासन की संवेदनशीलता  का प्रतीक है

श्रीमती शिलाबाई के पति स्वर्गीय श्री भूषण लाल के आकस्मिक निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। चार बेटियों और एक पुत्र सहित पांच बच्चों के पालन-पोषण एवं उनके भविष्य की चिंता के बीच सीमित आय में परिवार चलाना उनके लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गया था। आर्थिक तंगी और विपरीत परिस्थितियों के बीच जीवनयापन कर रही श्रीमती शिलाबाई के लिए यह सहायता राशि केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि प्रशासन की संवेदनशीलता और जनकल्याणकारी सोच का प्रतीक बनकर सामने आई। श्रीमती शिलाबाई ने भावुक होकर कहा कि संकट की इस घड़ी में शासन द्वारा मिली सहायता ने उन्हें नई उम्मीद और आत्मविश्वास दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ सहजता से पहुंच रहा है।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में संचालित ‘सुशासन तिहार-2026’ के अंतर्गत राज्य भर में आयोजित किए जा रहे शिविरों के माध्यम से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। ये शिविर न केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम बन रहे हैं, बल्कि शासन और आमजन के बीच विश्वास एवं संवाद को भी मजबूत कर रहे हैं।

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