सुशासन तिहार’ : ’नैमेड़ समाधान शिविर में उमड़ा जनसैलाब, ग्रामीणों और पुनर्वासित युवाओं को मिला योजनाओं का लाभ
एक ही छत के नीचे समाधान- जनसुविधाओं और त्वरित निराकरण का प्रभावी मंच बना शिविर

रायपुर, 25 मई 2026

छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बीजापुर जिले के नैमेड़ में आयोजित विशेष समाधान शिविर ग्रामीणों के लिए कल्याणकारी योजनाओं का एक बड़ा और सुलभ मंच बनकर उभरा। इस वृहद् शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे आंचलिक ग्रामीणों ने न केवल विभिन्न योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ लिया, बल्कि अपनी सामूहिक व व्यक्तिगत समस्याओं से प्रशासन को सीधे अवगत भी कराया। समाज की मुख्यधारा में लौटकर पुनर्वासित हुई महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण पूरा करने के उपरांत स्वरोजगार के लिए निःशुल्क सिलाई मशीन का वितरण किया गया।
’अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता- कलेक्टर’

शिविर को संबोधित करते हुए बीजापुर कलेक्टर श्री विश्वदीप ने कहा कि शासन की हर एक जनकल्याणकारी योजना का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुँचाना जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। अब ग्रामीणों को छोटे-बड़े दस्तावेज बनवाने या अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। प्रशासन खुद आपके द्वार आया है। सभी विभाग यहाँ एक ही स्थान पर मौजूद हैं, ताकि आपकी समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट और त्वरित निपटारा किया जा सके। इस शिविर में एरमनार, दुगोली, मिड़ते, कडेर, कैका, पेद्दाकोड़ेपाल, पालनार, मूसालूर और पापनपाल सहित आस-पास के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों ने अत्यंत उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
कलेक्टर ने ग्रामीणों से अपील की कि वे सजग बनें और सभी विभागीय स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया की सही जानकारी लें। कलेक्टर ने पारदर्शिता और त्वरित आर्थिक लाभ के लिए सभी को बैंक खाता, आधार कार्ड, श्रम कार्ड और आयुष्मान कार्ड अनिवार्य रूप से बनवाने के लिए प्रेरित किया, क्योंकि मनरेगा, तेंदूपत्ता संग्रहण और महतारी वंदन योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से हितग्राहियों के बैंक खातों में जमा की जा रही है।
मुख्यधारा से जुड़े युवाओं और महिलाओं को मिला संबल
प्रशासनिक संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए इस शिविर में विशेष पहल देखने को मिली। पुनर्वासित महिलाओं को जो समाज की मुख्यधारा में लौटकर आई हैं, उन्हे आत्मनिर्भरता के लिए सिलाई मशीन का प्रशिक्षण पूरा करने के उपरांत स्वरोजगार के लिए निःशुल्क सिलाई मशीन का वितरण किया गया। राजमिस्त्री का विशेष तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके स्थानीय युवाओं को भविष्य की सुरक्षा के लिए श्रम कार्ड प्रदान किए गए।
विभिन्न विभागों द्वारा स्थल पर ही सामग्री व लाभ का वितरण
शिविर में लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टॉलों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को तत्काल राहत और सामग्रियां सौंपी गईं। किसानों को डिजिटल किसान किताब (ऋण पुस्तिका) और छात्र-छात्राओं को जाति प्रमाण पत्र का त्वरित वितरण, कृषकों को किसान क्रेडिट कार्ड और खेतों की सेहत सुधारने के लिए मृदा परीक्षण प्रमाण पत्र, महिला मत्स्य पालन समूहों को आजीविका संवर्धन के लिए जाल व आइस बॉक्स तथा दिव्यांगजनों को उनके सुगम जीवन के लिए सहायक उपकरण। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आम नागरिकों को 5 लाख रूपए तक के मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को उनके नए पक्के मकानों की चाबियाँ सौंपी गईं।
इसके अतिरिक्त, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सामाजिक सरोकार निभाते हुए गर्भवती माताओं की पारंपरिक गोद भराई और छह माह पूर्ण कर चुके शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार भी पूरे आत्मीय माहौल में संपन्न कराया गया। सुशासन और जन-विश्वास का नया अध्याय शुरू हुआ जिसके कारण इस वृहद् शिविर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई और ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
सुशासन तिहार के माध्यम से आज बीजापुर के वनांचल में प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा है। दस्तावेज निर्माण, योजनाओं की प्रामाणिक जानकारी और जन-शिकायतों का एक ही स्थल पर त्वरित निवारण छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास और सुशासन की दिशा में एक क्रांतिकारी और अनुकरणीय कदम साबित हो रहा है।



