Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Aj Ki News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    • Login
    Aj Ki News
    Home»राज्य»छत्तीसगढ़»‘जंगलों पर किया जा रहा अतिक्रमण’, छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने किया परियोजनाओं का बचाव
    छत्तीसगढ़

    ‘जंगलों पर किया जा रहा अतिक्रमण’, छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने किया परियोजनाओं का बचाव

    By October 7, 2024No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    ‘जंगलों पर किया जा रहा अतिक्रमण’, छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने किया परियोजनाओं का बचाव
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रायपुर:

    छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने राज्य में कोयला खनन एवं अन्य विकास परियोजनाओं का बचाव करते हुए कहा कि लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए यह सब आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाघ अभ्यारण्यों के मुख्य क्षेत्रों से गावों के स्थानांतरण में तेजी लाने के केंद्र सरकार हाल के निर्देशों के अनुरूप कानून का सख्ती से क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी।

    जैव विविधता से भरपूर हसदेव अरण्य वन में कोयला परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई के खिलाफ विरोध के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने स्वीकार किया कि कुछ लोगों ने कोयला खनन और अन्य विकास परियोजनाओं का विरोध किया है, लेकिन जोर देकर कहा कि अधिकतर लोगों ने इनका समर्थन किया है। उन्होंने कहा, ‘‘संसाधनों से भरपूर इस क्षेत्र के लोग कब तक गरीब रहेंगे? विकास और ऊर्जा समान रूप से महत्वपूर्ण है। लोगों को रोजगार चाहिए। हां, अगर पेड़ काटे जाते हैं, तो यह हमारी जिम्मेदारी है कि उस नुकसान की भरपाई की जाए। हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि प्रभावित समुदायों के स्वास्थ्य और आजीविका की रक्षा की जाए।’’

    कोयले का तीसरा सबसे बड़ा भंडार
    ऐसी परियोजनाओं के लिए ग्राम सभा की सहमति के मुद्दे पर कश्यप ने कहा, ‘‘कानून ग्राम सभाओं को 'इनकार' करने की शक्ति देता है। कुछ मामलों में, उन्होंने इस शक्ति का इस्तेमाल किया है, लेकिन ज़्यादातर मामलों (कोयला खनन और अन्य परियोजनाओं) में समर्थन किया है।’’ छत्तीसगढ़ में 57 अरब टन कोयला भंडार है और यह झारखंड एवं ओडि़शा के बाद भारत का तीसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है। मध्यप्रदेश और अरुणाचल प्रदेश के बाद ओडिशा सबसे बड़े वन क्षेत्र वाला तीसरा राज्य है और इसके कुल भौगोलिक क्षेत्र का 44 प्रतिशत से अधिक हिस्सा वनों से ढका हुआ है।

    हसदेव क्षेत्र दिल्ली से बड़ा
    छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में हसदेव अरण्य कोयला क्षेत्र में तीन समीपवर्ती कोयला ब्लॉक स्थित हैं । इसमें परसा, परसा ईस्ट केंटे बसन (पीईकेबी), और केंटे एक्सटेंशन कोल ब्लॉक (केईसीबी)। तीनों कोयला ब्लॉक राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड को आवंटित किए गए हैं। हसदेव अरण्य वन 1,70,000 हेक्टेयर में फैला हुआ है। यह वन क्षेत्र राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से भी बड़ा है। भारतीय खान ब्यूरो के अनुसार, इस वन में 5,179.35 मिलियन टन कोयला भंडार है। जनवरी में, राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने पीईकेबी कोयला खनन परियोजना के दूसरे चरण के लिए पेड़ों की कटाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का स्वत: संज्ञान लिया और राज्य वन विभाग से रिपोर्ट मांगी। विभाग ने अपने जवाब में कहा कि पेड़ों की कटाई ‘‘केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा दी गई मंजूरी और अनुमति का सख्ती से पालन करते हुए’’ की जा रही है। इसमें कहा गया है कि पीईकेबी कोयला ब्लॉक 1,898 हेक्टेयर वन भूमि को कवर करता है। 762 हेक्टेयर में फैले पहले चरण का खनन पूरा हो चुका है, और शेष 1,136 हेक्टेयर में दूसरे चरण का काम चल रहा है।

    स्थानीय ग्रामीण कर रहे हैं विरोध
    स्थानीय ग्रामीणों के विरोध के बीच अगस्त के अंत में दूसरे चरण के लिए पेड़ों की कटाई फिर से शुरू हुई। जुलाई में, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने संसद को सूचित किया कि हसदेव अरण्य वन में कोयला खनन के लिए पहले ही 94,460 पेड़ काटे जा चुके हैं, और आने वाले वर्षों में 2.73 लाख से अधिक पेड़ काटे जाने हैं। उन्होंने कहा कि ‘‘खान पुनर्ग्रहण और स्थानांतरण’’ के लिए मुआवजे के रूप में कुल 53,40,586 पौधे लगाए गए हैं, जिनमें से 40,93,395 पौधे विकसित हो गए हैं। बाघ अभयारण्यों के मुख्य क्षेत्रों से गांवों के स्थानांतरण के केंद्र के निर्देश को लेकर कश्यप ने कहा, ‘‘हम कानून के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ प्रयास कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि लोग पहले जंगलों में वन्यजीवों के साथ सद्भाव से रहते थे, लेकिन अब यह मनोवृत्ति बदल गई है। उन्होंने कहा, ‘‘बाघ मेरी दादी के घर से कुछ मीटर की दूरी पर घूमते थे। मनुष्य और जानवर अपनी सीमाओं को जानते थे। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में स्थिति बदल गई है।’’

    जंगलों का किया जा रहा है अतिक्रमण
    उन्होंने कहा, ‘‘यह सच है कि जंगलों पर अतिक्रमण किया जा रहा है, जिससे जंगल में संतुलन बिगड़ रहा है और मानव-वन्यजीव संघर्ष को बढ़ावा मिल रहा है।’’ राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने 19 जून को एक आदेश जारी किया, जिसमें वन अधिकारियों को 54 बाघ अभयारण्यों के मुख्य क्षेत्रों में स्थित 591 गांवों से 64,801 परिवारों के पुनर्वास में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। छत्तीसगढ़ के अचानकमार और उदंती-सीतानदी सहित कई बाघ अभयारण्यों में आदिवासी समुदायों ने वन अधिकार अधिनियम के तहत अपने अधिकारों का दावा करते हुए निर्देश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

    Related Posts

    बीमारी से जंग और भाई के अधूरे सपनों को पूरा करने का साहस लिए अरुणाचल की अनाई ने जीता यादगार केआईटीजी स्वर्ण

    March 28, 2026

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 : भारोत्तोलन के 94 किलोग्राम पुरुष वर्ग में अरुणाचल के लालू ताकू ने मारी बाजी

    March 28, 2026

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 : भारत्तोलन पुरुष 88 किग्रा वर्ग में अरुणाचल के रुबा ताडु बने चैंपियन

    March 28, 2026

    आर्थिक चुनौतियों को मात देकर वेटलिफ्टिंग में पहचान बना रहे झारखंड के बाबूलाल हेम्ब्रम

    March 28, 2026

    पश्चिम एशिया की परिस्थितियों पर मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय समीक्षा: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कमिश्नर, आईजी और कलेक्टरों को दिए निर्देश

    March 28, 2026

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज लेंगे उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक: पश्चिम एशिया की स्थिति के मद्देनज़र आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और कानून-व्यवस्था पर रहेगा फोकस

    March 28, 2026
    Advertisement Carousel
    × Popup Image
    RO Num- 13519/185
    13519/185
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    बीमारी से जंग और भाई के अधूरे सपनों को पूरा करने का साहस लिए अरुणाचल की अनाई ने जीता यादगार केआईटीजी स्वर्ण

    March 28, 2026

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 : भारोत्तोलन के 94 किलोग्राम पुरुष वर्ग में अरुणाचल के लालू ताकू ने मारी बाजी

    March 28, 2026

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 : भारत्तोलन पुरुष 88 किग्रा वर्ग में अरुणाचल के रुबा ताडु बने चैंपियन

    March 28, 2026

    आर्थिक चुनौतियों को मात देकर वेटलिफ्टिंग में पहचान बना रहे झारखंड के बाबूलाल हेम्ब्रम

    March 28, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Ajkinews Office
    Ajkinews Office
    Chief Editor :- Asha Nirmal
    For Advertising Call :- 7489887346
    WhatsApp :- 9753054476
    Email ID :- [[email protected]]
    Address :-
    Shop No 12, Mathpara Pujari Vatika, New Bus Stand Road, Raipur-492001, Raipur, Chhattisgarh

    March 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    23242526272829
    3031  
    « Feb    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.