Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Aj Ki News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Aj Ki News
    Home»राजनीती»झारखंड के पूर्व सीएम चंपई सोरेन ने पार्टी छोेड़ी, बीजेपी में होंगे शामिल
    राजनीती

    झारखंड के पूर्व सीएम चंपई सोरेन ने पार्टी छोेड़ी, बीजेपी में होंगे शामिल

    By August 20, 2024No Comments7 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    झारखंड के पूर्व सीएम चंपई सोरेन ने पार्टी छोेड़ी, बीजेपी में होंगे शामिल
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रांचीः झांरखंड के पूर्व सीएम चंपई सोरने से अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि पार्टी में उनका जो अपनाम हुआ है उसके बाद उनके पास झारखंड मुक्ति मोर्चा में बने रहना संभव नही था। उन्होंने विस्तार से एक्स पर पूरे घटना क्रम का जिक्र करते हुए लिखा है कि किस तरह से उन्हें अपमानित कर इस्तीफा लिया गया और आखिरी दो दिनों के सभी कार्यक्रम रद्द करवायें गए। उन्होंने एक्स लिखाः-
    जोहार साथियों,

    समाचार देखने के बाद, आप सभी के मन में कई सवाल उमड़ रहे होंगे। आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसने कोल्हान के एक छोटे से गांव में रहने वाले एक गरीब किसान के बेटे को इस मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया।

    अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत में औद्योगिक घरानों के खिलाफ मजदूरों की आवाज उठाने से लेकर झारखंड आंदोलन तक, मैंने हमेशा जन-सरोकार की राजनीति की है। राज्य के आदिवासियों, मूलवासियों, गरीबों, मजदूरों, छात्रों एवं पिछड़े तबके के लोगों को उनका अधिकार दिलवाने का प्रयास करता रहा हूं। किसी भी पद पर रहा अथवा नहीं, लेकिन हर पल जनता के लिए उपलब्ध रहा, उन लोगों के मुद्दे उठाता रहा, जिन्होंने झारखंड राज्य के साथ, अपने बेहतर भविष्य के सपने देखे थे।

    इसी बीच, 31 जनवरी को, एक अभूतपूर्व घटनाक्रम के बाद, इंडिया गठबंधन ने मुझे झारखंड के 12वें मुख्यमंत्री के तौर पर राज्य की सेवा करने के लिए चुना। अपने कार्यकाल के पहले दिन से लेकर आखिरी दिन (3 जुलाई) तक, मैंने पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ राज्य के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। इस दौरान हमने जनहित में कई फैसले लिए और हमेशा की तरह, हर किसी के लिए सदैव उपलब्ध रहा। बड़े-बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं, छात्रों एवं समाज के हर तबके तथा राज्य के हर व्यक्ति को ध्यान में रखते हुए हमने जो निर्णय लिए, उसका मूल्यांकन राज्य की जनता करेगी।

    जब सत्ता मिली, तब बाबा तिलका मांझी, भगवान बिरसा मुंडा और सिदो-कान्हू जैसे वीरों को नमन कर राज्य की सेवा करने का संकल्प लिया था। झारखंड का बच्चा- बच्चा जनता है कि अपने कार्यकाल के दौरान, मैंने कभी भी, किसी के साथ ना गलत किया, ना होने दिया।

    इसी बीच, हूल दिवस के अगले दिन, मुझे पता चला कि अगले दो दिनों के मेरे सभी कार्यक्रमों को पार्टी नेतृत्व द्वारा स्थगित करवा दिया गया है। इसमें एक सार्वजनिक कार्यक्रम दुमका में था, जबकि दूसरा कार्यक्रम पीजीटी शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरण करने का था। पूछने पर पता चला कि गठबंधन द्वारा 3 जुलाई को विधायक दल की एक बैठक बुलाई गई है, तब तक आप सीएम के तौर पर किसी कार्यक्रम में नहीं जा सकते।

    क्या लोकतंत्र में इस से अपमानजनक कुछ हो सकता है कि एक मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को कोई अन्य व्यक्ति रद्द करवा दे? अपमान का यह कड़वा घूंट पीने के बावजूद मैंने कहा कि नियुक्ति पत्र वितरण सुबह है, जबकि दोपहर में विधायक दल की बैठक होगी, तो वहां से होते हुए मैं उसमें शामिल हो जाऊंगा। लेकिन, उधर से साफ इंकार कर दिया गया।

    पिछले चार दशकों के अपने बेदाग राजनैतिक सफर में, मैं पहली बार, भीतर से टूट गया। समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं। दो दिन तक, चुपचाप बैठ कर आत्म-मंथन करता रहा, पूरे घटनाक्रम में अपनी गलती तलाशता रहा। सत्ता का लोभ रत्ती भर भी नहीं था, लेकिन आत्म-सम्मान पर लगी इस चोट को मैं किसे दिखाता? अपनों द्वारा दिए गए दर्द को कहां जाहिर करता?

    जब वर्षों से पार्टी के केन्द्रीय कार्यकारिणी की बैठक नहीं हो रही है, और एकतरफा आदेश पारित किए जाते हैं, तो फिर किस से पास जाकर अपनी तकलीफ बताता? इस पार्टी में मेरी गिनती वरिष्ठ सदस्यों में होती है, बाकी लोग जूनियर हैं, और मुझ से सीनियर सुप्रीमो जो हैं, वे अब स्वास्थ्य की वजह से राजनीति में सक्रिय नहीं हैं, फिर मेरे पास क्या विकल्प था? अगर वे सक्रिय होते, तो शायद अलग हालात होते।

    कहने को तो विधायक दल की बैठक बुलाने का अधिकार मुख्यमंत्री का होता है, लेकिन मुझे बैठक का एजेंडा तक नहीं बताया गया था। बैठक के दौरान मुझ से इस्तीफा मांगा गया। मैं आश्चर्यचकित था, लेकिन मुझे सत्ता का मोह नहीं था, इसलिए मैंने तुरंत इस्तीफा दे दिया, लेकिन आत्म-सम्मान पर लगी चोट से दिल भावुक था।

    पिछले तीन दिनों से हो रहे अपमानजनक व्यवहार से भावुक होकर मैं आंसुओं को संभालने में लगा था, लेकिन उन्हें सिर्फ कुर्सी से मतलब था। मुझे ऐसा लगा, मानो उस पार्टी में मेरा कोई वजूद ही नहीं है, कोई अस्तित्व ही नहीं है, जिस पार्टी के लिए हम ने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। इस बीच कई ऐसी अपमानजनक घटनाएं हुईं, जिसका जिक्र फिलहाल नहीं करना चाहता। इतने अपमान एवं तिरस्कार के बाद मैं वैकल्पिक राह तलाशने हेतु मजबूर हो गया।

    मैंने भारी मन से विधायक दल की उसी बैठक में कहा कि – “आज से मेरे जीवन का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।” इसमें मेरे पास तीन विकल्प थे। पहला, राजनीति से सन्यास लेना, दूसरा, अपना अलग संगठन खड़ा करना और तीसरा, इस राह में अगर कोई साथी मिले, तो उसके साथ आगे का सफर तय करना।

    उस दिन से लेकर आज तक, तथा आगामी झारखंड विधानसभा चुनावों तक, इस सफर में मेरे लिए सभी विकल्प खुले हुए हैं।

    आपका,
    चम्पाई सोरेन 
    झारखंड में चल रही सियासी हलचल के बीच पूर्व सीएम चंपाई सोरेन आज दिल्ली पहुंचे हैं। चंपाई सोरेन के दिल्ली पहुंचने की खबरों के बीच सियासी गलियारे में कई तरह की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। सूत्रों के अनुसार चंपाई सोरेन जेएमएम के 5 विधायकों के साथ बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। अब ऐसे में सवाल यह उठने लगा है कि चंपाई सोरेन जेएमएम से क्यों अलग होने का मन बना चुके हैं? सूत्रों के अनुसार चंपई सोरेन ने लोबिन हेंब्रम से मुलाकात के दौरान स्पष्ट तौर हेमंत सोरेन को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी।
    मुख्यमंत्री पद से हटाने से नाराज थे
    सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री पद से हटाने के बाद चंपई सोरेन नाराज चल रहे थे। छोटा कार्यकाल होने के बावजूद भी पद से हटाने को लेकर उनके अंदर नाराजगी थी। चम्पई सोरेंन ने कहा था कि पार्टी के अंदर उनको सम्मान नहीं मिल रहा है। सूत्रों के अनुसार चंपाई सोरेन ने अपने साथ-साथ कोल्हान के विधायकों को लेकर बीजेपी में शामिल होने का मन बनाया है। हालांकि चंपाई सोरेन का कहना है कि वह अपने निजी काम के लिए दिल्ली गए हैं। उन्होंने कहा- “मेरी बच्ची रहती है, उस से मिलने आए हैं”. वहीं भाजपा ज्वाइन करने के सवाल पर चंपाई सोरेन ने कहा- ”अभी हम जहां हैं वहीं पर हैं”। वहीं सुवेंदु से मुलाकात के सवाल पर पूर्व सीएम ने कहा कि मेरी किसी से मुलाकात नहीं हुई, कलकत्ता से यहां आया हूं।
    जेएमएम के पांच विधायक के फोन बंद
    बताया जा रहा है कि सीएम हेमंत सोरेन से नाराजगी के कारण चंपाई सोरेन पांच विधायकों के साथ जेएमएम का साथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। इस चर्चा को इसलिए भी और अधिक बल मिल रहा है क्योंकि जेएमएम के पांच विधायकों का फोन नंबर नॉट रिचेबल आने लगा है। सूत्रों के अनुसार जेएमएम विधायक दशरथ गागराई, चमड़ा लिंडा, लोबिन हेंब्रम लगातार सीएम हेमंत सोरेन से नाराज चल रहे थे।

    इसी नाराजगी की वजह से ये सारे विधायकों ने चंपाई सोरेन के साथ बीजेपी जॉइन करने का मन बनाया है। इसी बीच खबर आ रही है कि चंपाई सोरेन सरायकेला जिले के झिली गोड़ा गांव के घर से JMM का झंडा हटाया गया है। यही नहीं पूरे गांव से जेएमएम का झंडा हटा दिया गया है। हालांकि गांव के घर पर परिवार के लोग मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि देर रात चंपई सोरेन पर्सनल कार से मुन्ना ड्राइवर के साथ कोलकाता रवाना हुए हैं।

    Related Posts

    कर्नाटक के बाद अब तेलंगाना में कांग्रेस की किरकिरी, रेड्डी सरकार पर संकट?

    February 3, 2025

    फिर भड़के हरियाणा के कद्दावर नेता अनिल विज बोले- मंत्री पद छीन लो…गाड़ी भी ले लो

    February 3, 2025

    कर्नाटक में सीएम की कुर्सी को लेकर खींचतान, डीके ने खेला खेल

    February 3, 2025

    पीएम मोदी का बड़ा संदेश कहा- थाली-घंटी बजाते हुए वोट डालने जाएं

    February 3, 2025

    भाजपा सरकार आई तो तीन साल में बन जाएगा यमुना रिवर फ्रंट 

    February 3, 2025

    5 फरवरी को त्रिपुरा आएंगे गृहमंत्री शाह

    February 3, 2025
    Advertisement Carousel
    × Popup Image
    RO Num- 13519/185
    13519/185
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    मधुमक्खी पालन से स्व-सहायता समूह की आय में वृद्धि

    February 15, 2026

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी में 870 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों हेतु संवादात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम : शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने किया मार्गदर्शन

    February 15, 2026

    नगरीय निकायों में ऐतिहासिक जनादेश का एक वर्ष: सुशासन, पारदर्शिता और विकास पर जनता की मुहर — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

    February 15, 2026

    समाज के संगठित और जागरूक होने से विकास को मिलती है मजबूती : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

    February 15, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Ajkinews Office
    Ajkinews Office
    Chief Editor :- Asha Nirmal
    For Advertising Call :- 7489887346
    WhatsApp :- 9753054476
    Email ID :- [[email protected]]
    Address :-
    Shop No 12, Mathpara Pujari Vatika, New Bus Stand Road, Raipur-492001, Raipur, Chhattisgarh

    February 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    232425262728  
    « Jan    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.