Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Aj Ki News
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    • Login
    Aj Ki News
    Home»धर्म»बकरीद पर कुर्बानी से पहले इन 7 नियमों का रखें ध्यान, नहीं तो हो जाएगी बड़ी गलती
    धर्म

    बकरीद पर कुर्बानी से पहले इन 7 नियमों का रखें ध्यान, नहीं तो हो जाएगी बड़ी गलती

    By June 14, 2024No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    बकरीद का त्योहार दुनियाभर में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है. बकरीद का ये त्योहार ईद -उल-फितर के लगभग 70 दिन बाद मनाया जाता है. इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार 12वें महीने यानि ईद-अल-हज्जा के दसवें दिन बकरीद का पर्व मनाया जाता है. रमजान के रोजे रखने के बाद पड़ने वाली ईद को जहां लोग मीठी ईद के नाम से जानते हैं तो वहीं बकरीद को कुर्बानी की ईद के नाम से जाना जाता है. इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार इस साल बकरीद का पर्व 16 जून 2023 को पड़ने जा रहा है. इस्लामिक परपरा के अनुसार बकरीद वाले दिन कुर्बानी देने से पहले कुछेक नियमों का पालन करना बेहद जरूरी माना गया है. आइए फर्ज-ए-कुर्बानी के पहले पालन किए जाने वाले इन नियमों के बारे में विस्तार से जानते हैं.

    बताया कि ईद-उल-अजहा का त्योहार बलिदान के रुप में मनाया जाता है. हजरत इब्राहीम को जब बार-बार अल्लाह के लिए अपने बेटे की कुर्बानी का सपना आने लगा तो उन्होंने यह बात अपने बेटे को बताई. ऐसा सुनते ही उनके बेटे इसे ईश्वर की रजा मानते हुए तुरंत राजी हो गये. मान्यता है कि ईश्वर इस कुर्बानी के जरिए अपने दूत इब्राहीम की परीक्षा ले रहे थे. मान्यता है कि जिस समय इब्राहीम अपने बेटे को कुर्बान करने चले, उस समय शैतान ने उनके मन को भटकाने की कोशिश की, लेकिन वे जरा भी नहीं डगमगाए और उन्होंने अपनी आंखों में पट्टी बांध कर कुर्बानी की प्रक्रिया पूरी की. मान्यता है कि जब इब्राहीम अपने बेटे की कुर्बानी दे रहे थे तभी ईश्वर ने उनके बेटे को हटाकर उसकी जगह एक बकरा रख दिया था. इस्लाम में तब से लेकर आज तक बकरीद पर कुर्बानी देने की परंपरा चली आ रही है.

    मौलाना आलम मुस्तफा याकूबी ने बताया कि इस्लाम में कुर्बानी को लेकर कुछ नियम भी बताए गए हैं, जिनका पालन करना हर किसी के लिए आवश्यक होता है. इन नियमों को ध्यान में रखते हुए कुर्बानी पूरी मानी जाती है. आइए जानते हैं ईद उल अजहा पर कुर्बानी के क्या नियम हैं
    .
    सबसे पहले पहले तो जिस जानवर की कुर्बानी दी जानी हो वह बालिग होना चाहिए.
    दूसरा जानवर को कहीं चोट आदि न लगी हो, उसके सींग और पैर सुरक्षित होने चाहिए.
    वहीं नमाज अदा करने के बाद कुर्बानी के वक्त जानवर और उसे जिबह करने वाले दोनों का मुंह कर्बला की तरफ होना चाहिए.
    वहीं कुर्बानी के बाद उसके तीन भाग किए जाते हैं जो घरवालों,रिश्तेदारों और गरीबों में बांटा जाता है.
    कुर्बानी करने में दिखावा आ जाए तो उसका सबाव नहीं मिलता जो अल्लाह की रजा के लिए कुर्बानी करेगा, उसे यकीनन अल्लाह की रजा हासिल होगा.
    जिस व्यक्ति के पास पहले से ही कर्ज है, वह व्यक्ति कुर्बानी नहीं दे सकता। कुर्बानी देने वाले के पास किसी भी तरह कोई कर्ज नहीं होना चाहिए.
    जो व्यक्ति अपनी कमाई का ढाई फीसदी दान देता है और समाज की भलाई के लिए धन के साथ साथ कोई ना कोई काम करता रहता हो, उसके लिए कुर्बानी जरूरी नहीं है.

    Related Posts

    आज का राशिफल 2 जुलाई 2025

    July 2, 2025

    आज का राशिफल 1 जुलाई 2025

    July 1, 2025

    आज का राशिफल 28 जून 2025

    June 28, 2025

    आज का राशिफल 25 जून 2025

    June 25, 2025

    आज का राशिफल 24 जून 2025

    June 24, 2025

    आज का राशिफल 23 जून 2025

    June 23, 2025
    Advertisement Carousel
    × Popup Image
    RO Num- 13519/185
    13519/185
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 : खेल के संग संस्कृति का संगम: छत्तीसगढ़ ने जीता खिलाड़ियों का दिल

    April 2, 2026

    मुख्यमंत्री से उत्तरप्रदेश के राज्यमंत्री श्री रामकेश निषाद ने सौजन्य मुलाकात की

    April 2, 2026

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (नवां दिन राउंड-अप): किरण पिस्दा के एकमात्र गोल से छत्तीसगढ़ ने महिला फुटबॉल का स्वर्ण जीता; सोरेन, रीथुश्री और नागिनी ने एथलेटिक्स में दूसरा गोल्ड हासिल किया

    April 2, 2026

    ककनार घाटी के नीचे थमा लाल आतंक का शोर, अब गूंजती है बस की हॉर्न

    April 2, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    Ajkinews Office
    Ajkinews Office
    Chief Editor :- Asha Nirmal
    For Advertising Call :- 7489887346
    WhatsApp :- 9753054476
    Email ID :- [[email protected]]
    Address :-
    Shop No 12, Mathpara Pujari Vatika, New Bus Stand Road, Raipur-492001, Raipur, Chhattisgarh

    April 2026
    M T W T F S S
     12345
    6789101112
    13141516171819
    20212223242526
    27282930  
    « Mar    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.